मंडला शिक्षा विभाग की संवेदनहीनता
- धनगांव रैयत के 28 मासूम बच्चे जर्जर किचन शेड में पढऩे को मजबूर
- दो साल से अधूरा शेड बना स्कूल, तिरपाल के सहारे चल रही पढ़ाई
- रसोइया के घर बन रहा मध्याह्न भोजन, स्कूल की दयनीय स्थिति पर आक्रोश
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र जनपद पंचायत मंडला के ग्राम पंचायत छपरी सिलपुरी के पोषक ग्राम धनगांव रैयत में संचालित शासकीय उन्नत प्राथमिक शाला की दयनीय स्थिति शिक्षा विभाग की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। यहां पढऩे वाले कक्षा पहली से पांचवीं तक के 28 मासूम बच्चे आज भी एक जर्जर और मात्र 10 वाई 10 के अधूरे किचन शेड में एक साथ बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
जानकारी अनुसार विद्यालय का मूल भवन जो लगभग 1998 के आसपास बना था, पिछले कई वर्षों से जर्जर हो चुका है और लगभग दो सालों से यह उपयोग के लायक नहीं बचा है। गांव में कोई सामुदायिक भवन या अन्य सुरक्षित स्थान उपलब्ध न होने के कारण, विद्यालय प्रबंधन को मजबूरन अधूरे पड़े किचन शेड में शिक्षण कार्य शुरू करना पड़ा। बारिश के दौरान पानी को अंदर आने से रोकने के लिए शिक्षकों को अस्थायी रूप से तिरपाल का सहारा लेना पड़ रहा है।
मध्याह्न भोजन की भी गंभीर समस्या
बताया गया कि छोटे से कमरे में तिरपाल के नीचे पढ़ाई का यह माहौल सरकार के गुणवत्तायुक्त शिक्षा के दावों पर प्रश्नचिह्न लगाता है और बच्चों के भविष्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। विद्यालय में न केवल सुरक्षित भवन का अभाव है, बल्कि रसोई घर भी जर्जर है। इस कारण सबसे गंभीर समस्या मध्याह्न भोजन से जुड़ी है। प्रबंधन को मजबूरी में रसोइया के घर पर भोजन बनवाना पड़ रहा है और बच्चों को वहीं जाकर भोजन करना पड़ता है। खुले में भोजन कराने पर जंगली जानवरों से खतरे की आशंका बनी रहती है, जिसके कारण यह अव्यवस्था झेलनी पड़ रही है।
ग्रामीणों और अभिभावकों में आक्रोश
ग्रामीणों और अभिभावकों ने इस स्थिति पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उनका कहना है कि वे कई बार वरिष्ठ कार्यालय को इस समस्या से अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की जा सकी है। छपरी गांव दूर होने के कारण बच्चों को वहां भेजना संभव नहीं है और मजबूरी में उन्हें इसी जर्जर व्यवस्था में अपने बच्चों को पढ़ाना पड़ रहा है। अभिभावकों ने जिला प्रशासन से तत्काल बच्चों के लिए सुरक्षित भवन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
इनका कहना है
स्कूल भवन को लेकर हमारे सामने बड़ी समस्या है हमें बच्चों को पढ़ाने में बड़ी समस्या होती है, हमारी जिला के अधिकारियों से अनुरोध है की जल्द यहां स्कूल भवन का निर्माण कार्य कराया जाये।
ददन यादव, शिक्षक
शासकीय उन्नत प्राथमिक शाला
धनगांव रैयत,छपरी, मंडला
बहुत जल्द ही स्थल निरीक्षण कर स्कूल भवनों के निर्माण की कार्यवाही शीघ्र प्रारंभ करवाई जाएगी। जिले के जर्जर विद्यालय भवनों की सूची भोपाल स्वीकृति हेतु प्रेषित कर दी गई है। ग्रामीण समुदाय को बेहतर शैक्षिक सुविधाएँ उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
शैलेश मिश्रा
सभापति, निर्माण एवं संचार समिति
सदस्य, क्षेत्रीय जिला पंचायत
जिला पंचायत, मंडला









