जनहित में सीएम का बड़ा कदम
सिंहस्थ 2028 के लिए डॉ. मोहन यादव ने खुद गैंती चलाकर तोड़ा पैतृक मकान
- व्यक्तिगत भावना से ऊपर शहर का विकास
- सीएम मोहन यादव ने सिंहस्थ मार्ग चौड़ीकरण के लिए समर्पित किया पैतृक आवास
- सिंहस्थ 2028: जनहित के लिए सीएम डॉ. मोहन यादव ने खुद गैंती चलाकर शुरू की पैतृक मकान हटाने की प्रक्रिया
उज्जैन: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने व्यापक जनहित और सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को सर्वोपरि रखते हुए एक मिसाल पेश की है। मुख्यमंत्री ने स्वयं गैंती चलाकर अपने पैतृक मकान को हटाने की प्रक्रिया की शुरुआत की। जिस आंगन और घर से उनके बचपन व परिवार की दशकों पुरानी स्मृतियां जुड़ी थीं, उसे उन्होंने उज्जैन के भविष्य और विकास के लिए समर्पित कर दिया।
₹9.80 करोड़ की लागत से 15 मीटर चौड़ा होगा 730 मीटर मार्ग
उज्जैन में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के उद्देश्य से खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य प्रारंभ हुआ है। लगभग 730 मीटर लंबे इस मार्ग को 15 मीटर तक चौड़ा किया जाना है। इस परियोजना के लिए राज्य शासन ने करीब ₹9.80 करोड़ की राशि स्वीकृत की है।
यातायात बनेगा सुगम, श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत
सिंहस्थ 2028 के दौरान देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं और वाहनों के भारी दबाव को देखते हुए यह सड़क चौड़ीकरण अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह मार्ग तैयार होने के बाद उज्जैन शहर की यातायात व्यवस्था अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित हो जाएगी।
मुख्यमंत्री के इस कदम ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि धार्मिक नगरी उज्जैन की भव्यता और जनहित की आवश्यकताएं व्यक्तिगत भावनाओं से कहीं ऊपर हैं। सिंहस्थ 2028 से पूर्व शहर के बुनियादी ढांचे को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ढालने की दिशा में इसे एक ठोस और प्रेरणादायी कदम माना जा रहा है।









