चोरी के शक में सीनियर्स ने जूनियर छात्रों को बेल्ट से पीटा, हाथों में रखे जलते अंगारे

मंडला के आदिवासी छात्रावास में दरिंदगी

चोरी के शक में सीनियर्स ने जूनियर छात्रों को बेल्ट से पीटा, हाथों में रखे जलते अंगारे

  • जिसने चोरी नहीं की, उसके हाथ नहीं जलेंगे
  • हॉस्टल में मासूमों के साथ अमानवीय बर्बरता
  • परिजनों ने प्रबंधन पर उठाए सवाल, जांच शुरू

मंडला महावीर न्यूज 29.  जिले के पाठा सिहोरा स्थित राजा शंकर शाह रघुनाथ शाह शासकीय सीनियर एवं जूनियर बालक छात्रावास में सीनियर छात्रों द्वारा छोटे बच्चों के साथ अमानवीय बर्बरता का सनसनीखेज मामला सामने आया है। चोरी का आरोप लगाते हुए सीनियर छात्रों ने तीन मासूम बच्चों को पहले बेल्ट से बुरी तरह पीटा और फिर उनके हाथों में जलते हुए अंगारे रख दिए। घटना की जानकारी मिलने पर परिजनों ने हॉस्टल प्रबंधन की घोर लापरवाही पर सवाल उठाए हैं, जिसके बाद जनजातीय कार्य विभाग और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

चोरी का शक और अमानवीय सजा

यह रूह कंपा देने वाली घटना सोमवार रात 12 बजे के बाद की बताई जा रही है। पीड़ित छात्र शिवकुमार मरावी ने बताया कि वह और उसके साथी कंचे खेल रहे थे, तभी सातवीं कक्षा के सीनियर छात्र (युवराज और अन्य) वहां आए। सीनियर्स ने जूनियर छात्रों शिवकुमार, राजेंद्र कुशरे और पुष्पराज पर पैसे चुराने का आरोप लगाया। इसके बाद सीनियर्स ने बेल्ट से बच्चों की पिटाई की और कहा कि “जिसने चोरी नहीं की होगी, उसके हाथ नहीं जलेंगे”। यह कहकर उन्होंने तीनों मासूमों के हाथों में कंडे (उपले) के जलते हुए अंगारे रख दिए, जिससे बच्चों के हाथ बुरी तरह जल गए और उन पर छाले पड़ गए।

धमकी से डरे बच्चे, व्हाट्सएप से पिता को चला पता

पीड़ित छात्र ने बताया कि सीनियर छात्रों ने उन्हें दो घंटे के अंदर 100-100 रुपये लाने को कहा था और ऐसा न करने पर जान से मारने और छत से फेंकने की धमकी दी थी। इसी डर के कारण बच्चों ने तुरंत घटना की जानकारी किसी को नहीं दी। शिवकुमार के पिता राजेश कोलस्ते, जो नागपुर में मजदूरी करते हैं, ने बताया कि एक अन्य छात्र ने उनके बेटे के जले हुए हाथों की तस्वीरें खींचकर उन्हें व्हाट्सएप पर भेजीं, तब जाकर उन्हें इस क्रूरता का पता चला। पिता तुरंत नागपुर से मंडला पहुंचे और हॉस्टल की स्थिति देखकर अपने बेटे को डिठौरी में इलाज के लिए ले गए।

प्रबंधन की लापरवाही 

घटना के वक्त जूनियर हॉस्टल अधीक्षक अनिल उइके एक गमी (शोक) के कार्यक्रम में बालाघाट गए हुए थे। छात्र के पिता राजेश ने आरोप लगाया है कि हॉस्टल में सीनियर छात्र पहले भी जूनियर बच्चों के सामने बीड़ी पीकर उनके मुंह पर धुआं फूंकते थे। इसकी शिकायत उन्होंने अधीक्षक से की थी, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। पिता का यह भी आरोप है कि सीनियर छात्र हॉस्टल अधीक्षक की मिलीभगत से बच्चों से अंगूठा लगवाकर उनके बिस्तर और अन्य सामग्री के लिए आने वाले पैसे भी जबरन निकाल लेते हैं।

जांच समिति गठित, कड़ी कार्रवाई के निर्देश

मामला सामने आने के बाद जनजातीय कार्य विभाग मंडला के सहायक आयुक्त अरुण कुमार शुक्ला ने घटना पर संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि इस गंभीर मामले की जांच के लिए एक टीम गठित कर दी गई है, जो मौके पर जाकर रिपोर्ट तैयार करेगी। इसके साथ ही सीनियर और जूनियर हॉस्टल, दोनों के अधीक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।


Leave a Comment