मंडला में गर्भवती और जुड़वा बच्चों की मौत पर सियासत तेज
नेता प्रतिपक्ष के आरोपों पर सांसद का पलटवार
- जर्जर सड़क और स्वास्थ्य व्यवस्था पर घिरी सरकार
- सांसद फग्गन सिंह बोले संवेदनशील मामलों पर राजनीति न करे कांग्रेस
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के सलैया गांव में एक गर्भवती महिला और उसके गर्भ में पल रहे जुड़वा बच्चों की मौत को लेकर मध्य प्रदेश में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार द्वारा प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और सड़कों की बदहाली पर सवाल उठाए जाने के बाद मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कांग्रेस पर एक संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया है।
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार को घेरा
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर राज्य सरकार के विकास के दावों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि मंडला के सलैया गांव में प्रसव पीड़ा से जूझ रही 28 वर्षीय महिला को समय पर एंबुलेंस नहीं मिल पाई। जर्जर सड़क होने के कारण परिजनों को उसे निजी वाहन से अस्पताल ले जाना पड़ा, लेकिन तब तक महिला और उसके जुड़वा बच्चों की मौत हो चुकी थी। सिंघार ने सरकार से पूछा कि जहां एंबुलेंस और सड़क तक नहीं पहुंचती, वहां भाजपा सरकार का विकास कैसे पहुंचता है।
सांसद का पलटवार-मरीज स्वेच्छा से अस्पताल से वापस गए थे
नेता प्रतिपक्ष के बयानों पर पलटवार करते हुए मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने इस घटना को दुखद बताया, लेकिन स्वास्थ्य व्यवस्था पर लगे आरोपों को सिरे से नकार दिया। सांसद फग्गन सिंह ने पूरी घटना का क्रम बताते हुए कहा कि मरीज को सबसे पहले बीजाडांडी स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। वहां से उन्हें मंडला रेफर किया गया और फिर जबलपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया। जबलपुर में वे 10 दिन तक भर्ती रहीं। सांसद ने दावा किया कि मरीज और उसके परिजन स्वेच्छा से वहां से निकलकर आए थे और उन्होंने कहा था कि वे दो-चार दिन बाद फिर लौटेंगे। सांसद ने राज्य की स्वास्थ्य सुविधाओं का बचाव करते हुए कहा कि पिछले वर्षों की तुलना में आज हमारे पास पर्याप्त डॉक्टर, अस्पताल और दवाइयां उपलब्ध हैं।
सड़क निर्माण पर दी सफाई
सलैया गांव की जर्जर सड़क के मुद्दे पर सांसद ने स्पष्ट किया कि 75 वर्षों में पहली बार इस सड़क की स्वीकृति उन्होंने ही दिलाई है। उन्होंने बताया कि बारिश से पहले सड़क का काम शुरू हो गया था और इसमें 6 पुलिया भी बनाई जा रही हैं। बारिश के कारण काम में विलंब हुआ है और सड़क वहां तक नहीं पहुंच पाई है। जिस रास्ते पर कभी निकलने का साधन नहीं था, उसे मंजूर कराया गया है।
सांसद ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसी दुखद और संवेदनशील घटनाओं पर कांग्रेस द्वारा राजनीति करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दृष्टि से ऐसे विषयों पर राजनीति करने से कोई बड़ा लाभ नहीं होने वाला है और विकास के अन्य मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।









