राममय हुआ मंडला: हरदौल लाला मंदिर से निकली भव्य शोभायात्रा
भगवा रैली में उमड़ा जनसैलाब
- मर्यादा पुरुषोत्तम के जयकारों से गूंजा मंडला
- कैबिनेट मंत्री, सांसद और विभिन्न संगठनों ने किया भव्य स्वागत
मंडला महावीर न्यूज 29. मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव ‘रामनवमी’ के पावन अवसर पर मंडला नगर में भक्ति, उत्साह और श्रद्धा का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला। नगर के ऐतिहासिक हरदौल लाला मंदिर प्रांगण से भगवान राम की भव्य शोभायात्रा धूमधाम से निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

जीवंत झांकियों ने मोहा मन
शोभायात्रा का शुभारंभ भगवान राम की महाआरती के साथ हुआ। यात्रा में श्रीराम, जानकी, लक्ष्मण और भक्त हनुमान की मनमोहक जीवंत झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। भगवा ध्वज लहराते और जय श्रीराम के नारे लगाते श्रद्धालु पूरे शहर में भ्रमण करते रहे। स्थानीय नागरिकों ने अपने घरों और दुकानों को सजाकर पुष्पवर्षा के साथ यात्रा का आत्मीय स्वागत किया।
12 वर्षों से जारी है ‘सनातन धर्मोत्सव’ की परंपरा
रामनवमी पर सनातन धर्मोत्सव परिवार द्वारा विशाल भगवा वाहन रैली का आयोजन किया गया। वर्ष 2014 से निरंतर निकल रही यह रैली इस बार पिछले सभी वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए सबसे बड़ी साबित हुई। बड़ी खैरमाई मंदिर बिंझिया से शुरू हुई यह रैली नगर के प्रमुख मार्गों—नेहरू स्मारक, महाराजपुर, उदय चौक, सराफा, बुधवारी और बस स्टैंड होते हुए पुनः खैरमाई मंदिर में संपन्न हुई।

राजनैतिक एवं सामाजिक संगठनों ने बढ़ाया उत्साह
शोभायात्रा और रैली का स्वागत करने में समाज का हर वर्ग आगे रहा:
- कैबिनेट मंत्री संपतिया उइके: अपने निवास के सामने भाजपा जिलाध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा व कार्यकर्ताओं के साथ रैली का स्वागत किया और रामनवमी की शुभकामनाएं दीं।
- सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते: सांसद स्वयं शोभायात्रा में शामिल हुए और प्रभु श्रीराम का पूजन-अर्चन कर नगरवासियों को बधाई प्रेषित की।
- कांग्रेस परिवार: जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अशोक मर्सकोले के नेतृत्व में बुधवारी चौक स्थित हनुमान मंदिर में महाप्रसाद वितरण और राम दरबार का पूजन किया गया।
सुरक्षा और सेवा का संगम
प्रशासन और पुलिस बल पूरी मुस्तैदी के साथ मुस्तैद रहा, जिससे इतनी बड़ी भीड़ के बावजूद व्यवस्था सुचारू बनी रही। जगह-जगह स्वयंसेवकों द्वारा शीतल पेयजल, फल और प्रसाद का वितरण किया गया, जो सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण बना। ग्रामीण अंचलों में भी रामायण पाठ और भजनों के साथ रामजन्मोत्सव की धूम रही।












