एरियर बिलों में बार-बार आपत्ति लगाने से शिक्षकों में रोष

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एरियर बिलों में बार-बार आपत्ति लगाने से शिक्षकों में रोष

संयुक्त मोर्चा ने सहायक ट्रेजरी अधिकारी को सौंपा ज्ञापन

  • बाबुओं पर सुविधा शुल्क मांगने का गंभीर आरोप
  • कलेक्टर के निर्देश के बावजूद कोषालय ने नहीं जारी की आवश्यक दस्तावेजों की सूची

मंडला महावीर न्यूज 29. अपाक्स और संयुक्त मोर्चा संगठन ने शिक्षकों के एरियर बिलों में कोषालय द्वारा बार-बार आपत्ति लगाए जाने का कड़ा विरोध किया है। शिक्षकों की इस पुरानी समस्या के त्वरित निराकरण की मांग को लेकर संगठन के जिलाध्यक्ष संजीव सोनी और इंद्रेश तिवारी के नेतृत्व में सहायक ट्रेजरी अधिकारी एन.एल. मर्सकोले को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया।

ज्ञापन में बताया गया है कि बीईओ कार्यालय नैनपुर द्वारा 14 अक्टूबर 2026 को शिक्षकों के एरियर भुगतान के लिए तीन देयक प्रस्तुत किए गए थे। इन पर कोषालय ने आवश्यक दस्तावेजों की कमी का हवाला देते हुए आपत्ति लगा दी। संगठन का कहना है कि बीईओ कार्यालय के अनुसार, बिल्कुल इसी प्रकृति के एरियर बिल पूर्व में 7 जनवरी 2026 को इसी प्रक्रिया के तहत पारित किए जा चुके थे, फिर अब आपत्तियां क्यों लगाई जा रही हैं।

सुविधा शुल्क के लिए दबाव बनाने का आरोप

संगठनों ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि एरियर बिलों को पास करने के नाम पर संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारी के बाबुओं द्वारा शिक्षकों पर सुविधा शुल्क देने का भारी दबाव बनाया जाता है। वसूली की ऐसी कई शिकायतें पूर्व में भी सामने आ चुकी हैं। संगठन ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार और वसूली का यह अहम मुद्दा जिला स्तर पर आयोजित पिछली परामर्शदात्री समिति की बैठक में भी प्रमुखता से उठाया गया था।

कलेक्टर के निर्देशों की हो रही अवहेलना

संगठन ने मांग की है कि एरियर बिलों के भुगतान के लिए आवश्यक दस्तावेजों की एक स्पष्ट और प्रामाणिक सूची जारी की जाए, ताकि संबंधित अधिकारी एकमुश्त पूर्ण अभिलेखों के साथ देयक प्रस्तुत कर सकें और बार-बार आपत्तियों के कारण शिक्षकों को मानसिक व आर्थिक परेशानी न हो। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि इस समस्या को लेकर 6 अक्टूबर 2026 को कलेक्टर को भी आवेदन दिया गया था। तब कलेक्टर ने तत्काल फोन कर ट्रेजरी अधिकारी को बिलों को पास करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की सूची जारी करने का निर्देश दिया था, लेकिन विडंबना यह है कि आज दिनांक तक कलेक्टर के उन निर्देशों का पालन नहीं किया गया है।


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