सक्षम जीवन कौशल कार्यक्रम से निखर रहा बच्चों का भविष्य
दिल्ली और भोपाल की टीम ने किया बरबसपुर स्कूल का निरीक्षण
- आदिवासी अंचल के नौनिहालों में बढ़ा आत्मविश्वास
- मेरी सीख कॉर्नर और बच्चों की रचनात्मकता देख गदगद हुए अधिकारी
मंडला महावीर न्यूज 29. जनजाति कार्य विभाग, मध्यप्रदेश के सहयोग से संचालित सक्षम जीवन कौशल कार्यक्रम आदिवासी अंचल के बच्चों के लिए एक नई दिशा प्रदान कर रहा है। इस विशेष कार्यक्रम के माध्यम से जनजातीय विद्यालयों में पढऩे वाले बच्चों का आत्मविश्वास, रचनात्मकता और व्यावहारिक ज्ञान तेजी से बढ़ रहा है। इसी कड़ी में 22 सितंबर को एकीकृत माध्यमिक विद्यालय बरबसपुर विकासखंड नैनपुर में कार्यक्रम की गुणवत्ता और बच्चों की जमीनी सहभागिता का जायजा लेने के लिए दिल्ली और भोपाल से आई एक विशेष टीम ने स्कूल का दौरा किया।
बताया गया कि यह कार्यक्रम मुख्य रूप से कक्षा 6वीं से 8वीं तक के विद्यार्थियों के जीवन कौशल विकास पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य शिक्षकों के नेतृत्व में नियमित सत्रों के माध्यम से बच्चों के भीतर संवाद कौशल, स्व-जागरूकता, समानुभूति, समस्या समाधान, निर्णय लेने की क्षमता, सहयोगात्मकता, रचनात्मक सोच और आत्म-प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण गुण विकसित करना है।
निरीक्षण टीम ने परखी बच्चों की क्षमता
बरबसपुर पहुंची निरीक्षण टीम में दिल्ली से डॉ. सुतापा माजूमदार और डॉ. अर्पिता के साथ राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर स्टेट प्रोग्राम मैनेजर साहिल कुमार, डीपीएम रोहित पाटिल और ब्लॉक मैनेजर विकास चंद्रोल मौजूद रहे। टीम ने कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के साथ फोकस ग्रुप डिस्कशन किया और यह जानने का प्रयास किया कि वे सत्रों से क्या सीख रहे हैं और उसका दैनिक जीवन में कैसे उपयोग कर रहे हैं। अधिकारियों ने बच्चों के बैग में रखी मेरी सीख की कॉपी, कक्षा-कक्ष में बने मेरी सीख कॉर्नर और बच्चों द्वारा अपने घरों पर तैयार किए गए स्टडी कॉर्नर का भी अवलोकन किया। इसके साथ ही, टीम ने अभिभावकों से भी चर्चा कर बच्चों के व्यवहार में आए सकारात्मक बदलावों को समझा।
शिक्षकों और छात्रों का किया उत्साहवर्धन
विद्यालय में इस कार्यक्रम के प्रभावी व सफल संचालन में प्रधान अध्यापिका रश्मि मरावी और मेंटर शिक्षक सुनित विश्वकर्मा की भूमिका अत्यंत सराहनीय पाई गई। उनके सहयोग और कुशल नेतृत्व के चलते बच्चों की नियमित सहभागिता सुनिश्चित हो रही है और वे जीवन कौशल को अपने व्यावहारिक जीवन से जोड़ पा रहे हैं। भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने बच्चों के भीतर गजब का आत्मविश्वास, सक्रियता और कार्यक्रम के प्रति सकारात्मक जुड़ाव देखा। सुदूर आदिवासी ग्रामीण क्षेत्र में इतने व्यवस्थित रूप से कार्यक्रम के सफल संचालन को देखकर विजिट टीम ने शाला की प्रधानाध्यापिका, शिक्षकों और छात्रों का जमकर उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के छात्रों ने टीम के सदस्यों का स्वागत करते हुए उन्हें अपने हाथों से बनाए गए सुंदर गुलदस्ते और उपहार भेंट किए।










