जहरीली शराबकांड के खिलाफ गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का हल्ला बोल
- दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग, सरकार से मांगा मुआवजा और न्याय
- पीडि़त आदिवासी परिवारों से मिले जीजीपी प्रदेश अध्यक्ष कमलेश तेकाम
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले और प्रदेश में जहरीली शराब के सेवन से हुई मौतों की हृदयविदारक घटना को लेकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। मामले में सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कमलेश तेकाम के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सागर पहुंचकर विशाल विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में सरकार से दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई।
विरोध कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पार्टी नेताओं ने कहा कि जहरीली शराब के सेवन से बेगुनाह लोगों की जान जाना बेहद दुखद और चिंताजनक है। इस तरह की घटनाएं न केवल प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं, बल्कि अवैध शराब के बेलगाम कारोबार पर भी नियंत्रण की पोल खोलती हैं। नेताओं ने कहा कि किसी भी परिवार के लिए अपने सदस्य को इस तरह खो देना अत्यंत पीड़ादायक है। सरकार को पीडि़त परिवारों की स्थिति को गंभीरता से समझते हुए तत्काल राहत और न्याय की दिशा में कदम उठाने चाहिए।
प्रभावित आदिवासी परिवारों से की मुलाकात
प्रदर्शन के दौरान कमलेश तेकाम और कार्यक्रम में शामिल अन्य प्रतिनिधियों ने जहरीली शराब की घटना से प्रभावित आदिवासी परिवारों से जाकर मुलाकात की। उन्होंने परिवारों की पीड़ा सुनी और घटना के बाद उत्पन्न हुई विकट परिस्थितियों की जानकारी ली। पीडि़त परिवारों ने अपनी तमाम परेशानियां प्रतिनिधियों के सामने रखीं। इस पर जीजीपी नेताओं ने उन्हें ढांढस बंधाते हुए भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और न्याय के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
निष्पक्ष जांच और मुआवजे की मांग
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने सरकार के समक्ष प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ ऐसी कठोर कानूनी कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न हो। साथ ही, अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और वितरण से जुड़े पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जाए। पार्टी ने मृतकों के परिवारों को उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और प्रभावितों के पुनर्वास के लिए भी आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
ठोस कार्रवाई हो, सिर्फ आश्वासन नहीं
कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने जोर देते हुए कहा कि आम जनता के जीवन की रक्षा करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इतनी बड़ी घटना के बाद केवल कार्रवाई का कोरा आश्वासन पर्याप्त नहीं है, बल्कि दोषियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने और पीडि़तों को न्याय दिलाने के लिए धरातल पर ठोस एवं समयबद्ध कार्रवाई होनी चाहिए।










