विघ्नहर्ता की विशेष कृपा के लिए आज करें ‘ॐ धूम्रकेतवे नमः’ का जाप

गणेश पूजन विशेष

विघ्नहर्ता की विशेष कृपा के लिए आज करें ‘ॐ धूम्रकेतवे नमः’ का जाप

  • लगाएं मलाई पेड़े का भोग
  • धूम्रकेतु स्वरूप की आराधना से दूर होंगे सभी संकट
  • दूध की मिठाई से प्रसन्न होंगे गजानन

धर्म डेस्क

मंडला महावीर न्यूज 29.  सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश की आराधना से होती है। आज का दिन गौरीपुत्र गजानन की विशेष उपासना और उनके आशीर्वाद प्राप्ति के लिए बेहद शुभ माना जा रहा है। ज्योतिष और धर्म शास्त्रों के जानकारों के अनुसार, आज भक्तों को भगवान गणेश के विशेष स्वरूप का ध्यान करते हुए ‘ॐ धूम्रकेतवे नमः’ मंत्र का जाप करना चाहिए। इसके साथ ही बप्पा को मलाई के पेड़े या दूध से बनी किसी भी शुद्ध मिठाई का भोग लगाने की सलाह दी गई है।

क्यों खास है ‘ॐ धूम्रकेतवे नमः’ का जाप?

‘धूम्रकेतु’ भगवान गणेश के प्रमुख नामों और स्वरूपों में से एक है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब जीवन में अचानक बड़े संकट आ जाएं या नकारात्मकता हावी होने लगे, तब भगवान के इस स्वरूप की पूजा अचूक फल देती है। ‘ॐ धूम्रकेतवे नमः’ मंत्र का कम से कम 108 बार (एक माला) जाप करने से मानसिक शांति मिलती है, रुके हुए कार्य संपन्न होते हैं और जीवन के सभी विघ्न धुएं की तरह उड़ जाते हैं।

दूध से बनी मिठाई का महत्व

यूं तो भगवान गणेश को मोदक और लड्डू अत्यंत प्रिय हैं, लेकिन आज के विशेष पूजन में उन्हें मलाई के पेड़े या दूध से बनी सात्विक मिठाई का भोग अर्पित करने का विधान है। दूध को शास्त्रों में अत्यंत पवित्र, सात्विक और शीतलता का प्रतीक माना गया है। गजानन को यह श्वेत और मीठा भोग लगाने से पारिवारिक जीवन में मिठास, आरोग्य और सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

पूजन की सरल विधि

आज स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर घर के मंदिर में भगवान गणेश की प्रतिमा के समक्ष गाय के घी का दीपक प्रज्वलित करें। उन्हें लाल पुष्प, दूर्वा और सिंदूर अर्पित करें। इसके बाद पूरी श्रद्धा से ‘ॐ धूम्रकेतवे नमः’ मंत्र का जाप करें। अंत में मलाई के पेड़े का भोग लगाएं और आरती कर यह प्रसाद पूरे परिवार में बांटें। जानकारों का मानना है कि इस सरल उपाय से गजानन अपने भक्तों के सभी कष्ट हर लेते हैं।

वरदान आश्रम से जुड़े भक्तों और सभी श्रद्धालुओं के लिए नीलू महाराज का यह संदेश एक विशेष आध्यात्मिक प्रेरणा लेकर आया है। भागवत रसिक पंडित राम गोपाल शास्त्री समय-समय पर भक्तों को धर्म, अध्यात्म और दैनिक जीवन में सरलता से किए जा सकने वाले कल्याणकारी पूजन-विधान से अवगत कराते रहते हैं। उन्होंने सभी सनातन प्रेमियों से अपील की है कि आज अपने घरों में इस सरल लेकिन अत्यंत प्रभावशाली विधि से गणपति बप्पा की आराधना अवश्य करें, जिससे परिवार में मंगल, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का वास हो सके।


 

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