कान्हा टाइगर रिजर्व: हाथियों के 7 दिवसीय रिजुविनेशन कैंप का समापन
महावतों का किया गया सम्मान
- पूजा-अर्चना और फलों की दावत के साथ कान्हा में हाथी रिजुविनेशन कैंप संपन्न
- विधायकों ने बढ़ाया वनकर्मियों का हौसला
मंडला महावीर न्यूज 29. कान्हा टाइगर रिजर्व के सुपखार परिक्षेत्र में विभागीय हाथियों के स्वास्थ्य, देखभाल और उन्हें तरोताजा (पुनर्यौवन) करने के उद्देश्य से आयोजित ‘हाथी रिजुविनेशन कैंप’ का 20 सितंबर को सफलतापूर्वक समापन हो गया। 14 सितंबर से शुरू हुए इस 7 दिवसीय कैंप के समापन अवसर पर हाथियों की विशेष पूजा की गई और उनके खान-पान का खास ध्यान रखा गया।
विधायक और वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
समापन समारोह में बैहर विधायक श्री संजय सिंह उईके और बिछिया विधायक श्री नारायण सिंह पट्टा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम में बालाघाट के मुख्य वन संरक्षक श्री गौरव चौधरी, मंडला के पुलिस अधीक्षक, कान्हा टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक श्री रवीन्द्र मणि त्रिपाठी, उपसंचालक श्री प्रकाश कुमार वर्मा, वन मंडलाधिकारी बालाघाट (कोर) सहित कोर एवं बफर जोन के सभी सहायक संचालक और परिक्षेत्र अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
हाथियों की हुई पूजा, खिलाए गए मनपसंद फल
कार्यक्रम का शुभारंभ विभागीय हाथियों की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इस दौरान हाथियों के प्रति स्नेह और सम्मान जताते हुए उन्हें उनके पसंदीदा मौसमी फल, गन्ना, मक्का और नारियल खिलाए गए।
महावतों का हुआ सम्मान
हाथियों के प्रबंधन और उनकी दिन-रात देखभाल करने में महावतों की भूमिका सबसे अहम होती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए मुख्य अतिथियों ने महावतों एवं सहायक महावतों को सम्मानित किया। उनके समर्पण और योगदान की सराहना करते हुए अतिथियों द्वारा उन्हें बैग, पानी की बोतल, ट्रैक सूट एवं खेल सामग्री प्रदान की गई।
क्यों जरूरी है यह कैंप?
कान्हा टाइगर रिजर्व में विभागीय हाथी वन्यजीव संरक्षण, गश्ती, निगरानी और वन सुरक्षा जैसे कठिन और महत्वपूर्ण कार्यों में अहम भूमिका निभाते हैं। साल भर की कड़ी मेहनत के बाद प्रतिवर्ष इस रिजुविनेशन कैंप का आयोजन किया जाता है। इसके माध्यम से हाथियों को उनके नियमित कार्यों से विश्राम दिया जाता है और उनके स्वास्थ्य परीक्षण, बेहतर खान-पान और समग्र कल्याण पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी अतिथियों एवं अधिकारियों ने हाथियों के बेहतर स्वास्थ्य एवं संरक्षण के लिए वन विभाग द्वारा किए जा रहे इन विशेष प्रयासों की जमकर सराहना की।









