नक्खी माई के शनिदेव अब कहलाएंगे श्री पहाड़ेश्वर शनिदेव

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नक्खी माई के शनिदेव अब कहलाएंगे श्री पहाड़ेश्वर शनिदेव महाराज

  • शनि जयंती पर विधि-विधान से हुआ नामकरण
  • महायज्ञ और अभिषेक के साथ उमड़ा जनसैलाब

मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के बकोरी स्थित प्रसिद्ध सिद्ध पीठ नक्खी माई मंदिर परिसर में विराजित शनिदेव को अब एक नई पहचान मिली है। शनि जयंती के पावन अवसर पर आयोजित विशेष समारोह में शनिदेव का नामकरण श्री पहाड़ेश्वर शनिदेव महाराज के रूप में किया गया। पहाड़ी क्षेत्र की गोद में विराजमान होने के कारण आचार्य श्री नीलू महाराज द्वारा शास्त्रोक्त विधि-विधान से यह नाम निर्धारित किया गया है।शनि जयंती के उपलक्ष्य में मंदिर परिसर में भक्ति और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 12 बजे महा शनि यज्ञ के साथ हुई। इस दौरान विशेष रूप से शुद्ध देशी गाय के दूध, दही, घी और सरसों के तेल से शनिदेव का महाभिषेक किया गया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा के साथ शनिदेव के 108 नामों का जाप करते हुए सामूहिक अर्चन किया।

न्याय के देवता की महिमा 

पंडित नीलू महाराज ने बताया कि हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार शनि देव को न्याय का देवता और कर्मफल दाता माना जाता है। महाराज ने बताया कि विशेषकर कलियुग में शनि उपासना का अत्यधिक महत्व है। मान्यता है कि सच्चे मन से श्री पहाड़ेश्वर शनिदेव की आराधना करने से जीवन के कष्ट, शनि दोष और ग्रह बाधाएं शांत होती हैं, जिससे भक्तों को मानसिक शांति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

भंडारा और महाआरती के साथ समापन 

शिक्षक डीके सिंगौर ने बताया कि दिन भर चले अनुष्ठानों के बाद शाम 5 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। रात्रि 8 बजे भव्य महाआरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। पूरे आयोजन के दौरान नक्खी माई परिसर शनिदेव के जयकारों से गुंजायमान रहा। डीके सिंगौर ने इस धार्मिक कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी श्रद्धालुजनों की सहभागिता के प्रति आभार व्यक्त किया और बताया कि अब से यह स्थान श्री पहाड़ेश्वर शनिदेव के नाम से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहेगा।


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