मंडला में पाक्सो पीडि़तों के लिए नई उम्मीद
- 8 बच्चों को मिली स्पॉन्सरशिप
- नवजात को 4 दिन में मिला सुरक्षित आसरा
- बाल कल्याण समिति और महिला बाल विकास के नवाचार से पाक्सो पीडि़तों को मिला संबल
मंडला महावीर न्यूज 29. मिशन वात्सल्य के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग और बाल कल्याण समिति के संयुक्त प्रयासों से जिले में पाक्सो पीडि़तों को सहायता पहुँचाने के लिए एक सराहनीय नवाचार शुरू किया गया है। इस पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं, जहाँ 8 पाक्सो पीडि़तों के लिए स्पॉन्सरशिप योजना को मंजूरी दी गई है, वहीं एक नवजात शिशु को महज चार दिनों के भीतर सुरक्षित आसरा उपलब्ध कराया गया है।
जिला बाल संरक्षण इकाई के प्रतिवेदन पर कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति ने 8 पाक्सो पीडि़तों के स्पॉन्सरशिप प्रकरणों को अनुमोदित किया है। इस योजना के तहत पात्र बच्चों को 4000 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह राशि पीडि़तों और उनके परिवारों को सामाजिक-आर्थिक मजबूती प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगी।
चार दिन में नवजात का पुनर्वास
समिति की संवेदनशीलता का बड़ा उदाहरण तब सामने आया जब एक पाक्सो पीडि़त बालिका द्वारा जिला चिकित्सालय में जन्म दिए गए नवजात को केवल 4 दिनों के भीतर वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण कर मातृ छाया जबलपुर (शिशु गृह सह दत्तक ग्रहण अभिकरण) में प्रवेशित कराया गया। सपोर्ट पर्सन रागिनी हरदहा की काउंसलिंग और समिति अध्यक्ष गजेन्द्र गुप्ता व सदस्यों की त्वरित सक्रियता से इस जटिल प्रक्रिया को रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया।
60 प्रकरणों में सपोर्ट पर्सन नियुक्त
बाल कल्याण समिति ने अब तक 60 पाक्सो प्रकरणों में सपोर्ट पर्सन नियुक्त किए हैं। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के निर्देशों के पालन में मंडला जिले में 30 सपोर्ट पर्सन का चयन किया गया है। ये सहायक व्यक्ति पीडि़तों को विधिक सहायता, मुआवजा और पुनर्वास दिलाने के लिए पुलिस और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के बीच सेतु का कार्य कर रहे हैं।
संवेदनशीलता से कार्य करने के निर्देश
सहायक संचालक रोहित बड़कुल ने मासिक समीक्षा बैठक में सपोर्ट पर्सन को गोपनीयता बनाए रखते हुए संवेदनशीलता से कार्य करने के निर्देश दिए। समिति अध्यक्ष गजेन्द्र गुप्ता ने सपोर्ट पर्सन को उनके कर्तव्यों और सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान समिति सदस्य श्रीमती तृप्ति शुक्ला, रंजीत कछवाहा, संतोष कुमार यादव और संरक्षण अधिकारी रितेश वघेल ने भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। इस नवाचार से जिले में पाक्सो पीडि़तों को त्वरित न्याय और बेहतर भविष्य की उम्मीद जगी है। आयोजन में सौरभ पटवा और दीपक सैयाम सहित विभाग की पूरी टीम का सक्रिय योगदान रहा।










