तेज रफ्तार ट्राला का कहर, अनियंत्रित हुई टूरिस्ट ट्रेवलर, चार घायल

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तेज रफ्तार ट्राला से बचने अनियंत्रित हुई टूरिस्ट ट्रेवलर, चार घायल

एनएच-30 पर बड़ा हादसा टला, तेज रफ्तार ट्राला का कहर

  • पेड़ से टकराकर खाई में अटकी टूरिस्ट ट्रैवलर, 12 जिंदगियां बाल-बाल बचीं
  • घायल यात्रियों के लिए देवदूत बनी डायल 112
  • ट्राला से बचने मार्ग से नीचे उतरी ट्रेवलर
  • समय पर अस्पताल पहुँचाकर बचाई जान

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला-जबलपुर नेशनल हाईवे-30 पर नारायणगंज के समीप बाबादेवरी मोड़ पर रविवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा होते-होते टल गया। एक तेज रफ्तार ट्राला की लापरवाही के कारण यात्रियों से भरी टूरिस्ट ट्रैवलर अनियंत्रित होकर हाईवे मार्ग से नीचे खाई में जा गिरी। गनीमत यह रही कि वाहन एक बड़े पेड़ से टकराकर रुक गया, जिससे उसमें सवार करीब 12 यात्रियों की जान बच गई। यदि पेड़ का सहारा न मिलता तो वाहन सीधे खाई में समा जाता, जिससे भारी जनहानि हो सकती थी।

विपरीत दिशा से आए ट्राला ने बिगाड़ा संतुलन 

जानकारी अनुसार टूरिस्ट ट्रैवलर वाहन मलाजखंड से मंडला होते हुए जबलपुर की ओर जा रहा था। इसी दौरान बाबादेवरी मोड़ पर जबलपुर की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्राला ने अचानक नियम विरुद्ध तरीके से अपनी विपरीत दिशा में मोड़ लिया। अपनी सही दिशा में चल रहे ट्रैवलर चालक ने ट्राला से सीधे टकराव को बचाने की कोशिश की, लेकिन इस प्रयास में वाहन का संतुलन बिगड़ गया और वह मार्ग के नीचे खाई में जा गिरा।

हादसे में 4 घायल, 2 की गंभीर 

इस दुर्घटना के समय ट्रैवलर में करीब 12 लोग सवार थे। अचानक हुए इस हादसे से मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण तुरंत मदद के लिए दौड़े। हादसे में कुल चार लोग घायल हुए हैं, जिनमें से दो की हालत काफी नाजुक बताई जा रही है। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना टिकरिया पुलिस को दी। बताया गया कि हादसे में 12 लोगों में अनिल सोनी 67 वर्ष निवासी मलाजखंड, दिव्या वेदा पिता लक्ष्मी चंद 43 वर्ष, निवासी मलाजखंड, यूनुस जिलानी पिता एआर जिलानी 49 वर्ष निवासी मलाजखंड और साजिया जिलानी पति यूनुस जिलानी 44 वर्ष निवासी मलाजखंड घायल हुए। घायलों में यूनुस और साजिया को बेहतर उपचार के लिए जबलपुर रैफर किया गया है।

डायल 112 के जवानों ने पेश की मानवीयता की मिसाल 

हादसे के वक्त डायल 112 के आरक्षक राम मसकरे और पायलट पवन साहू किसी अन्य दुर्घटना की सूचना पर भावल की ओर जा रहे थे। रास्ते में बाबादेवरी के पास भीड़ और खाई में गिरे वाहन को देखकर पुलिसकर्मियों ने तत्काल अपनी गाड़ी रोकी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस जवानों ने अन्य वाहन का इंतजार करने के बजाय ग्रामीणों की मदद से घायलों को अपनी ही डायल 112 वाहन से तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नारायणगंज पहुँचाया।

बेहतर इलाज के लिए जबलपुर रेफर

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने दो गंभीर रूप से घायल यूनुस और साजिया की स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है। वहीं अन्य दो घायलों का उपचार स्थानीय अस्पताल में जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों ने डायल 112 के आरक्षक और पायलट की तत्परता और मानवीय दृष्टिकोण की जमकर सराहना की है, जिनकी वजह से घायलों को गोल्डन ऑवर में इलाज मिल सका। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


 


 

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