आंगनवाड़ी केंद्र में 5 मासूमों ने खाई चूहे मारने की दवा

Advertisements

आंगनवाड़ी केंद्र में 5 मासूमों ने खाई चूहे मारने की दवा

विभाग के दावों की खुली पोल

  • मोहगांव में मासूमों की जिंदगी से खिलवाड़
  • ग्रामीणों में भारी आक्रोश

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग की घोर लापरवाही का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। मोहगांव विकासखंड के ग्राम रमखिरिया (छपरा टोला) स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में 5 मासूम बच्चों ने खेल-खेल में चूहामार दवा खा ली। इस घटना ने विभाग के उन तमाम दावों की पोल खोल दी है जो बच्चों के पोषण और सुरक्षा के नाम पर कागजों में किए जाते हैं।

प्रसाद समझकर खा लिया जहर 

जानकारी अनुसार आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा अपने घर (जहां केंद्र संचालित है) में आटे के साथ चूहामार दवा मिलाकर असुरक्षित तरीके से रखी गई थी। मासूम बच्चों ने इसे अनजाने में प्रसाद समझकर खा लिया। दवा का असर होते ही बच्चों को उल्टियां शुरू हो गई और उनकी हालत बिगडऩे लगी। आनन-फानन में बच्चों को निजी वाहन से मोहगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया गया। यहां सभी बच्चों को जिला अस्पताल मंडला रैफर किया गया। घटना की जानकारी मिलते ही घुघरी एसडीएम, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी जिला अस्पताल पहुंचे। जहाँ डॉक्टरों की तत्परता से उनकी जान बच सकी। फिलहाल सभी बच्चे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।

जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल 

इस गंभीर घटना ने जिला कार्यक्रम अधिकारी और परियोजना अधिकारी की कार्यशैली को सीधे कटघरे में खड़ा कर दिया है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारी न तो केंद्रों का नियमित निरीक्षण करते हैं और न ही कार्यालय में उपलब्ध रहते हैं। इसी प्रशासनिक अनदेखी का नतीजा है कि बच्चों की पहुंच में जहरीली वस्तुएं मौजूद थीं।

ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी 

घटना के बाद से क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने लापरवाह अधिकारियों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की है। लोगों का कहना है कि यह केवल एक हादसा नहीं बल्कि प्रशासनिक अपराध है। प्रशासन ने जांच की बात कही है, लेकिन ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यदि ठोस कार्यवाही नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।



 

Leave a Comment