बीजाडांडी शराब दुकान में खुली लूट

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बीजाडांडी शराब दुकान में खुली लूट

प्रिंट रेट से अधिक कीमत वसूल रहे सेल्समैन

  • विरोध करने पर गाली-गलौज
  • आबकारी नियमों की उड़ा रहे धज्जियां
  • दुकान से नदारद है रेट लिस्ट
  • सुरा प्रेमियों से अधिक पैसे ऐंठने का खेल जारी

मंडला महावीर न्यूज 29. जनपद मुख्यालय बीजाडांडी स्थित कंपोजिट शराब दुकान में इन दिनों उपभोक्ताओं की जेब पर डाका डाला जा रहा है। शराब दुकान के संचालकों द्वारा प्रिंट रेट से अधिक कीमत पर शराब बेचे जाने का मामला सामने आया है। शासन के कड़े नियमों के बावजूद बीजाडांडी में शराब प्रेमी न केवल आर्थिक शोषण का शिकार हो रहे हैं, बल्कि विरोध करने पर उन्हें सेल्समैनों की बदसलूकी और गाली-गलौज का सामना भी करना पड़ रहा है।

180 का क्वाटर 190 में 

सूत्रों ने बताया कि जब बीजाडांडी निवासी एक युवक अपने मित्र के लिए शराब खरीदने दुकान पर पहुँचा। पीडि़त युवक ने बताया कि उसने मेकडॉवल रम का एक क्वाटर खरीदा, जिसकी अधिकतम खुदरा कीमत 180 रुपये अंकित थी। लेकिन दुकान पर मौजूद सेल्समैन ने उससे 190 रुपये की मांग की। युवक के पास नगद राशि न होने पर सेल्समैन ने फोन-पे के माध्यम से 190 रुपये निशांत अवधिया नामक व्यक्ति के खाते में डलवाए। जब युवक ने एमआरपी से 10 रुपये अतिरिक्त लेने पर आपत्ति दर्ज कराई, तो दुकान कर्मियों ने शालीनता दिखाने के बजाय हंगामा शुरू कर दिया।

दुकान से रेट लिस्ट गायब, नियमों की अनदेखी 

सुरा प्रेमी युवक ने मीडिया को बताया कि आबकारी विभाग के नियमों के अनुसार हर शराब दुकान के बाहर स्पष्ट रूप से रेट लिस्ट टंगी होनी चाहिए, जिससे ग्राहकों को सही कीमत का पता चल सके। लेकिन बीजाडांडी शराब दुकान पर ऐसी कोई लिस्ट नहीं लगाई गई है। इसी का फायदा उठाकर सेल्समैन हर ब्रांड पर 10 से 20 रुपये अतिरिक्त वसूल रहे हैं। यह अवैध वसूली लंबे समय से जारी है, लेकिन डर के कारण अधिकांश लोग इसकी शिकायत नहीं कर पाते।

गाली-गलौज के साथ करते है अभद्र व्यवहार 

शराब खरीदने आने वाले ग्राहकों का आरोप है कि यहाँ के सेल्समैनों का व्यवहार अत्यंत अपमानजनक है। यदि कोई जागरूक ग्राहक प्रिंट रेट को लेकर सवाल करता है, तो उसके साथ गाली-गलौज की जाती है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और आबकारी विभाग से मांग की है कि इस मनमानी पर तत्काल रोक लगाई जाए।

नागरिकों ने की जांच की मांग 

बीजाडांडी के जागरूक नागरिकों ने कलेक्टर और जिला आबकारी अधिकारी का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए मांग की है कि दुकान का औचक निरीक्षण किया जाए और डिजिटल लेन-देन के रिकॉर्ड की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।



 

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