राज्यपाल से मिला शिक्षकों का प्रतिनिधि मंडल

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राज्यपाल से मिला शिक्षकों का प्रतिनिधि मंडल

टीईटी की अनिवार्यता और पेंशन विसंगतियों पर सौंपा ज्ञापन

  • मंत्री संपतिया उइके के नेतृत्व में राज्यपाल से मिले शिक्षक
  • सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय से उपजी चिंताओं से कराया अवगत

मंडला महावीर न्यूज 29. अध्यापक संयुक्त मोर्चा एवं ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके के नेतृत्व में राज्यपाल से भेंट की। इस मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता और शिक्षकों की सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली अल्प पेंशन जैसे गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को अवगत कराया कि 1 सितंबर 2025 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय के बाद, शिक्षा अधिकार अधिनियम लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए भी टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस आदेश के कारण अब 57 वर्ष तक की आयु के अनुभवी शिक्षकों को भी परीक्षा देना आवश्यक हो गया है, जिससे पूरे शिक्षक संवर्ग में भारी मानसिक तनाव और असुरक्षा की भावना व्याप्त है। शिक्षकों ने यह भी मुद्दा उठाया कि वर्ष 2005 से राज्य सरकार द्वारा आयोजित पात्रता परीक्षाओं को वर्तमान में मान्यता नहीं दी जा रही है, जिससे समस्या और भी जटिल हो गई है।

पेंशन और ग्रेच्युटी की विसंगतियों पर प्रहार 

बैठक में अध्यापक संवर्ग से शिक्षक बने कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली नाममात्र की पेंशन और ग्रेच्युटी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि एनपीएस योजना के विलंब से लागू होने और वरिष्ठता की गणना प्रथम नियुक्ति दिनांक से न होने के कारण शिक्षकों को अपेक्षित आर्थिक लाभ प्राप्त नहीं हो पा रहा है, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि ट्राइबल क्षेत्रों में स्थानीय भाषा और बोली के अनुरूप शिक्षण अधिक प्रभावी होता है। वहां पहले से ही शिक्षकों की कमी है, ऐसे में टीईटी की कड़ी अनिवार्यता से जनजातीय क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था में अतिरिक्त बाधाएं उत्पन्न होंगी।

राज्यपाल ने दिया उचित समाधान का आश्वासन 

राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को अत्यंत गंभीरता और सहानुभूति के साथ सुना। उन्होंने शिक्षकों की पीड़ा को जायज बताते हुए आश्वस्त किया कि वे इस संवेदनशील विषय पर माननीय मुख्यमंत्री को उचित मार्गदर्शन एवं सुझाव प्रदान करेंगे, ताकि समय रहते सकारात्मक समाधान निकाला जा सके।

ये रहे मौजूद 

इस अवसर पर प्रांतीय संयोजक डीके सिंगौर, प्रदेश महासचिव सुरेश यादव, मंडला जिला अध्यक्ष दिलीप मरावी एवं मीडिया प्रभारी हिरानंद नरवरिया उपस्थित रहे। अंत में प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल और मंत्री श्रीमती संपतिया उइके के प्रति आभार व्यक्त किया।



 

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