नैनपुर का पुराना कोषालय भवन बना डेथ ट्रैप

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नैनपुर का पुराना कोषालय भवन बना ‘डेथ ट्रैप’

जर्जर दीवारें और उगते पेड़ दे रहे बड़े हादसे को न्योता

  • प्रशासन की अनदेखी
  • महिला बाल विकास कार्यालय के बाजू में खड़ा खंडहर
  • कभी भी हो सकती है जनहानि

मंडला महावीर न्यूज 29. नैनपुर का पुराना कोषालय भवन वर्तमान में अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। स्थानीय विधायक के कार्यकाल के दौरान कोषालय को मंडला स्थानांतरित कर दिया गया था, जिसके बाद से यह भवन लावारिस स्थिति में छोड़ दिया गया है। उचित रखरखाव के अभाव में अब यह भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है, जो कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।

खंडहर में तब्दील हुआ सरकारी ढांचा

भवन की स्थिति इतनी खराब है कि इसकी छतों और दीवारों पर बड़े-बड़े पेड़ निकल आए हैं, जिससे ढांचा पूरी तरह कमजोर हो चुका है। चूंकि यहां अब किसी कार्यालय का संचालन नहीं होता, इसलिए प्रशासन ने भी इसकी मरम्मत या इसे सुरक्षित तरीके से हटाने की ओर से अपनी आंखें मूंद ली हैं।

सैकड़ों लोगों की जान पर मंडरा रहा खतरा

सबसे गंभीर चिंता की बात यह है कि इस जर्जर भवन के ठीक बाजू में महिला बाल विकास कार्यालय और लोक सेवा केंद्र (नैनपुर) संचालित हो रहे हैं। इन कार्यालयों में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में महिलाएं, बच्चे और आम नागरिक अपने काम के सिलसिले में आते हैं। यदि यह जर्जर भवन अचानक धराशाई होता है, तो यहां मौजूद लोगों की जान जाना निश्चित है।

प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी के इंतजार में बैठा है। अधिकारियों की इस लापरवाही को लेकर क्षेत्र में भारी रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि क्या प्रशासन तभी जागेगा जब कोई रस्म अदायगी के लिए बड़ा हादसा हो जाएगा? क्या प्रशासन को किसी की जान की कीमत मंजूर है?

क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से तत्काल मांग की है कि इस जर्जर भवन का निरीक्षण कर इसे ध्वस्त कराया जाए या सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में होने वाली किसी भी संभावित जनहानि को रोका जा सके।



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