1000 मेगावाट बरगी पम्प स्टोरेज प्रोजेक्ट को ‘संदर्भ की शर्तों’ के साथ मंजूरी, 4689 करोड़ की परियोजना का रास्ता साफ
- ग्राम सभा की सहमति के बिना प्रक्रिया क्यों?
- बरगी डैम विस्थापित संघ ने पम्प स्टोरेज प्रोजेक्ट पर उठाए सवाल
मंडला महावीर न्यूज 29. मेसर्स सरेनिटिका प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित 1000 मेगावाट बरगी ओपन पम्प स्टोरेज हाइड्रो प्रोजेक्ट को विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति (EAC) ने अपनी प्रारंभिक मंजूरी दे दी है। समिति ने इस परियोजना के लिए पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (EIA) और पर्यावरण प्रबंधन योजना तथा सार्वजनिक सुनवाई आयोजित करने हेतु संदर्भ की शर्तें (ToR) प्रदान करने से संबंधित आवेदन को अनुमोदित कर दिया है।
यह ToR अब पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा औपचारिक रूप से मेसर्स सरेनिटिका को भेजे जाएंगे। यह परियोजना पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन अधिसूचना, 2006 के तहत श्रेणी-ए की ‘नदी घाटी परियोजनाएं’ (आइटम 1(सी)) के अंतर्गत आती है, जिसका मूल्यांकन केंद्रीय स्तर पर होना आवश्यक है।
⚙️ परियोजना का विवरण और लागत
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क्षमता: 1000 मेगावाट (200 मेगावाट की चार ईकाई और 100 मेगावाट की दो ईकाई)।
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लागत: ₹4689.89 करोड़ अनुमानित।
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उत्पादन: प्रतिवर्ष 2078.50 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन का लक्ष्य।
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संरचना: यह एक ओपन-लूप पम्प स्टोरेज प्रोजेक्ट होगा, जिसमें बिजली उत्पादन के लिए मौजूदा बरगी जलाशय का उपयोग किया जाएगा और 24.44 मिलियन क्यूबिक मीटर (MCM) कुल भंडारण क्षमता वाला एक नया ऊपरी जलाशय (अधिकतम बांध की ऊंचाई 25 मीटर) बनाना प्रस्तावित है।
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आवंटन: कंपनी को नवीकरणीय ऊर्जा विभाग, ऊर्जा भवन, भोपाल द्वारा दिनांक 11.08.2025 को प्रारंभिक आवंटन पत्र जारी किया गया है।
🌳 भूमि और विस्थापन का मसला
परियोजना के लिए कुल 381.50 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है, जिसमें से 110.50 हेक्टेयर निजी भूमि और 271 हेक्टेयर वन भूमि है। परियोजना घटकों के निर्माण के लिए वन भूमि का गैर-वन उपयोग में परिवर्तन आवश्यक होगा। हालांकि, प्रस्तावक को अभी वन स्वीकृति (Forest Clearance) के लिए आवेदन प्रस्तुत करना बाकी है।
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स्थान: यह परियोजना मंडला जिले के नारायणगंज एवं बीजाडांडी विकास खंड के पिंडरई माल, सलैया माल, जमठार, खापा, निवारी और पोंडी गांवों में प्रस्तावित है।
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विस्थापन: इस ओपन पम्प स्टोरेज हाइड्रो प्रोजेक्ट से 5 गांवों के लगभग 81 लोग विस्थापित होंगे।
📢 विस्थापित संघ का विरोध और किसानों की मांग
इस परियोजना की मंजूरी पर बरगी बांध विस्थापित एवं प्रभावित संघ के प्रतिनिधि राज कुमार सिन्हा ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरकार से पूछा है कि पाँचवीं अनुसूची के क्षेत्रों में विकास परियोजना स्थापित करने से पहले विस्थापित ग्राम सभा से सहमति क्यों नहीं ली जा रही है और प्रक्रिया को सहमति के बिना कैसे आगे बढ़ाया जा रहा है।
संघ ने नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (NVDA) पर भी निशाना साधा। संघ का आरोप है कि NVDA एक ओर बरगी जलाशय से क्षेत्रीय किसानों को सिंचाई के लिए पानी देने से पीछे हट रहा है, वहीं दूसरी ओर पम्प स्टोरेज परियोजनाओं को त्वरित मंजूरी देने में आगे हो जाता है।
प्रमुख मांग: बरगी बांध विस्थापित एवं प्रभावित संघ ने सरकार से मांग की है कि बरगी जलाशय से लिफ्ट सिंचाई की वर्षों से लंबित मांग को लेकर क्षेत्रीय किसानों से संवाद करने के बाद ही पम्प स्टोरेज हाइड्रो प्रोजेक्ट को अंतिम मंजूरी दी जाए।










