वर्चस्व की लड़ाई में तीन बाघ की मौत

वर्चस्व की लड़ाई में तीन बाघ की मौत

  • कान्हा टाइगर रिजर्व में मुक्की जोन और कान्हा जोन की घटना
  • खूनी संघर्ष में एक वयस्क और दो शावकों की मौत

मंडला महावीर न्यूज 29. कान्हा नेशनल पार्क में बाघों के बीच वर्चस्व की लड़ाई में गुरूवार को कान्हा के दो अलग-अलग क्षेत्रों में एक वयस्क बाघ और दो मादा बाघ शावकों की मौत हो गई। इस घटना की जानकारी पार्क में गश्ती कर रहे पार्क प्रबंधन के कर्मचारियों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी, जिसके बाद पार्क प्रबंधन ने इन दोनों घटनाओं की पुष्टि की है, जिसके बाद कान्हा पार्क में हड़कंप मच गया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर वन अपराध प्रकरण दर्ज कर किया गया।

जानकारी अनुसार कान्हा नेशनल पार्क में तीन बाघों की मौत की घटना में पहली घटना कान्हा परिक्षेत्र के मुण्डीदादर बीट के कक्ष क्रमांक 119 में प्रकाश में आई । यहाँ लगभग 1 से 2 माह उम्र के दो मादा बाघ शावकों की मृत्यु हुई। स्थानीय हाथी गश्ती दल ने शावकों के शवों के पास एक नर बाघ को घूमते हुए देखा, जबकि मादा बाघ भी कुछ दूरी पर घूम रही थी। वहीं दूसरी घटना उसी दिन मुक्की परिक्षेत्र के अंतर्गत मवाला बीट के कक्ष क्रमांक 164 में हुई । स्थानीय हाथी गश्ती दल की गश्ती के दौरान उन्होंने प्रत्यक्ष रूप से एक नर बाघ को दूसरे बाघ द्वारा हमला करते हुए देखा, जिसके कारण एक नर बाघ की मृत्यु हो गई । बताया गया कि दो नर बाघों के बीच वर्चस्व के लिए खूनी संघर्ष हुआ। इस क्षेत्रीय लड़ाई में एक वयस्क नर बाघ गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई। कान्हा नेशनल पार्क में इस तरह की घटनाएं बाघों के बीच क्षेत्रीय वर्चस्व के लिए होती है।

हाथी दल ने दी थी सूचना 

कान्हा नेशनल पार्क के मुक्की परिक्षेत्र के मुण्डीदादर बीट कक्ष क्रमांक 119 और कान्हा जोन के मवाला बीट के कक्ष क्रमांक 164 में हुई एक वयस्क बाघ और दो बाघ शावकों की मौत की जानकारी कान्हा के हाथी गश्ती दल के माध्यम से मिली। बताया गया कि गश्ती दल अपने दायित्व निर्वाहन के लिए पार्क की गश्ती कर रहे थे, इसी दौरान गश्ती दल इस घटना को देखा और तत्काल अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया। सूचना मिलते ही पार्क प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची और बाघ के शवों को अपने कब्जे में लेकर घटना स्थल को सुरक्षित किया गया और डॉग स्क्वॉड की सहायता से छानबीन की गई ।

प्रोटोकाल का किया पालन 

कान्हा टाईगर रिजर्व प्रबंधन ने दोनों घटनाओं पर त्वरित कार्यवाही करते हुए मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक और एनटीसीए, नई दिल्ली से जारी दिशा-निर्देशों का पालन किया। बताया गया कि दोनों बाघ शावकों का पोस्टमॉर्टम करने के बाद तत्काल इनका अंतिम संस्कार कर दिया गया है। इसके साथ ही नर बाघ का पीएम और अंतिम संस्कार शुक्रवार को किया गया। दोनों मामलों में डॉ. संदीप अग्रवाल वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी और डॉ. आशीष वैध पशु चिकित्सक द्वारा पोस्टमार्टम किया गया है। मुण्डीदादर बीट में दो शावकों के शवदाह की कार्रवाई के दौरान क्षेत्र संचालक रवीन्द्र मणि त्रिपाठी, उपसंचालक पुनीत गोयल, सहायक संचालक बंजर सूरज सिंह सेन्द्राम, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट बिछिया कैलाश कोल, सरपंच खटिया श्यामवती उइके एवं एनटीसीए प्रतिनिधि शिवांगी बेन्द्रे उपस्थित रही।

बाघों का किया अंतिम संस्कार 

पार्क प्रबंधन के अधिकारियों ने बताया कि बाघों के बीच संघर्ष और शावकों को मारने जैसी घटनाएं जंगल में स्वाभाविक मानी जाती हैं, खासकर बाघों की बढ़ती संख्या के साथ उनके बीच क्षेत्र को लेकर प्रतिस्पर्धा बढऩा स्वाभाविक है। फिलहाल कान्हा पार्क प्रबंधन इस घटना की जांच शुरू कर दी है। दिशा निर्देश अनुसार घटना स्थल को सुरक्षित किया गया। जिसके बाद एक नर बाघ का पीएम शुक्रवार को किया गया। निर्धारित प्रक्रिया अनुसार बाघ के शव का शवदाह, भस्मीकरण किया गया। शवदाह की कार्रवाई के दौरान क्षेत्र संचालक रवीन्द्र मणि त्रिपाठी, फील्ड बायोलॉजिस्ट अजिंक्य देशमुख, तहसीलदार बैहर, सरपंच बम्हनी पंचायत, एनटीसीए प्रतिनिधि शिवांगी बेन्द्रे मौजूद रही। इस दौरान समस्त कार्रवाई की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी की गई।



 

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