आधा गांव रोशन आधे में अंधेरा

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  • आधा गांव रोशन आधे में अंधेरा
  • एक महीने से मवई के कोटवार मोहल्ले में ट्रांसफार्मर खराब
  • बिजली की आंख मिचौली से परेशान ग्रामीण

मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के अंतिम छोर में बसे वनांचल आदिवासी बाहुल्य विकासखंड मवई मूलभूत सुविधाओं के तरस रहा है। यहां कई ग्रामीण अचंल विकास की राह देख रहे है, लेकिन ये इन ग्रामीणों के लिए एक सपनें जैसा ही है, आंख खुली और सपना टूटा जाता है। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र मवई की यह बदकिस्मती ही है कि आजादी के वर्षो बाद भी यहां के वनांचल निवासी मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे है। बिजली, पानी और सड़क जैसी सुविधाएं आज भी कई वनांचल, दूरांचल क्षेत्रों में नहीं है। जिससे ग्रामीणों को परेशान होना पड़ रहा है। इस आधुनिक युग में भी लोग सुविधाओं को तरस रहे है।

जानकारी अनुसार मवई ब्लाक के ग्रामीण आज भी बिजली की आंख मिचौली से परेशान है। जिले के छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे ग्रामो में 24 घंटे बिजली मिलना भगवान के वरदान जैसा है। वहीं मवई जनपद मुख्यालय से करीब 6 किलोमीटर की दूरी में बसा ग्राम मोहगांव की ग्राम पंचायत सरस डोली में पिछले एक महीने से कोटवार मोहल्ले में ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण 20 से 25 घरों में अंधेरा छाया हुआ है। यहां के वंशिदों ने इस समस्या के संबंध में कई बार बिजली विभाग से अधिकारियों से शिकायत की है, लेकिन विभाग का इस ओर ध्यान नहीं है। विद्युत विभाग के अधिकारी यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते है कि अभी ट्रांसफार्मर नहीं है, जैसे ही ट्रांसफार्मर आएगा बदल दिया जाएगा। जिसके कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

आपातकालीन में नहीं हो पा रहा संपर्क 

बताया गया कि बारिश का सीजन चल रहा है, जिसके कारण जंगली जानवर, जीव जंतु, जहरीले सांप का भी डर हमेशा बना रहता है। इसके साथ दूरसंचार की सुविधा भी ठप्प हो जाती है। बिजली ना होने के कारण लोगों का आपस से संपर्क कट जाता है। यहां के लोगों के मोबाइल भी डिस्चार्ज पड़े हुए हैं। जिस कारण आपातकालीन स्थिति में भी यहां के लोग किसी से संपर्क नहीं कर पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कोटवार मोहल्ला और पंडा मोहल्ला के लगभग 20 से 25 घरों में अंधेरा छाया हुआ है। विद्युत विभाग से मांग की है कि यहां जल्द से जल्द विद्युत सुधार कराया जाए। जिससे परेशानी से छुटकारा मिल सके।

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