चलो भोपाल, भरो भोपाल: हक की लड़ाई के लिए नैनपुर से हजारों शिक्षकों का कूच

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चलो भोपाल, भरो भोपाल: हक की लड़ाई के लिए नैनपुर से हजारों शिक्षकों का कूच

  • 25-30 वर्षों के अनुभव के बाद TET की बाध्यता का विरोध
  • नैनपुर से भोपाल रवाना हुए शिक्षक

मंडला महावीर न्यूज 29 | 17 अप्रैल मध्यप्रदेश के शिक्षकों ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एक बार फिर हुंकार भरी है। “चलो भोपाल, भरो भोपाल” के जयघोष के साथ नैनपुर ब्लॉक के लगभग 1000 शिक्षक आज भोपाल के लिए रवाना हुए। खास बात यह है कि सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके इन शिक्षकों में अपने हक के लिए वही जोश और जज्बा दिखाई दे रहा है, जो 20-25 वर्ष पूर्व उनके युवावस्था के संघर्षों में नजर आता था।

विरोध का मुख्य कारण

सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के हवाले से मध्यप्रदेश शासन द्वारा उन शिक्षकों के लिए भी टीईटी (TET) परीक्षा उत्तीर्ण करने की बाध्यता रखी गई है, जो पिछले 25 से 30 वर्षों से निरंतर अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। इसी आदेश के विरोध में प्रदेश भर के शिक्षक लामबंद हो गए हैं। जिला और ब्लॉक स्तर पर ऐतिहासिक प्रदर्शनों के बाद अब बारी राजधानी की है।

नैनपुर से भारी लामबंदी

अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर 18 अप्रैल को भोपाल के भेल दशहरा मैदान में प्रदेश स्तरीय विरोध प्रदर्शन आयोजित है। इसमें शामिल होने के लिए नैनपुर ब्लॉक के सभी नौ संकुलों से शिक्षक ट्रेन, बसों और निजी वाहनों के माध्यम से रवाना हुए हैं।

  • संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधि संजीव सोनी और नरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि:
  • लगभग 1000 शिक्षक नैनपुर से भोपाल पहुँच रहे हैं।
  • महिला शिक्षकों की टीम के लिए विशेष रूप से दो स्लीपर बसों का प्रबंध किया गया है।
  • इसके अतिरिक्त 5-7 फोर-व्हीलर्स और ट्रेनों के माध्यम से भी जत्थे रवाना हुए हैं।

अनुभव बनाम परीक्षा की जंग

गुरुजी, शिक्षाकर्मी और संविदा शिक्षक के रूप में करियर शुरू करने वाले इन शिक्षकों का कहना है कि उन्होंने अपने संघर्षों के दम पर ‘समान कार्य-समान वेतन’ हासिल किया है। अब जब वे अपनी सेवा के अंतिम पड़ाव पर हैं, तब उन पर परीक्षा थोपना उनके अनुभव का अपमान है। वे न केवल अपने लिए, बल्कि आने वाली पीढ़ी के अधिकारों के लिए भी संघर्षरत हैं।

शुभकामनाओं के साथ विदाई

शिक्षकों के इस जत्थे को रवाना करते समय शिक्षा विभाग के अधिकारियों और प्रबुद्धजनों ने उनकी सफलता की कामना की। पाठिसिहोरा संकुल प्राचार्य सुनीता श्रीवास्तव, बीईओ हीरेन्द्र वर्मा, बीआरसी विजेंद्र धर द्विवेदी सहित अनुपमा तिवारी, सबीना खान, बसंती पंद्रो, वंदना जोहरी, सुनीता कुर्वेती, दिनेश पटेल और दिलीप शरणागत ने सभी आंदोलनकारी शिक्षकों को मंगलकामनाएं देते हुए उनकी सुखद यात्रा की कामना की।



 

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