- पर्यटन एवं अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में कान्हा का अभूतपूर्व योगदान
- बाघ और जंगल इस जिले की धरोहर है -डॉ अग्रवाल
मंडला महावीर न्यूज 29. अंर्तराष्ट्रीय बाघ दिवस मनाने तीन दिवसीय अभियान आयोजित किया गया। जिसके अंतर्गत उत्कृष्ट विद्यालय के छात्रावास सभा में मानव एवं बाघ के संबंध में डॉ. संदीप अग्रवाल वन्य जीव विशेषज्ञ कान्हा द्वारा विद्यार्थियों को कान्हा विभाग द्वारा अपने 24 वर्षों के वन्यजीवों के लिए दिए गए योगदान का अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि बाघ व जंगल इस जिले की धरोहर है, जिसे देखने के लिए पूरी दुनिया के 2 लाख पर्यटक आकर यहां की नैसर्गिक व रमणीक स्थल को देखकर विशेष रूप से बाघ को देखकर आनंदित होते हैं। इन सभी का संरक्षण करने की जिम्मेदारी मध्यप्रदेश शासन के साथ हम सभी की है।
डॉ. अग्रवाल ने छात्रों को बताया कि टाइगर को कैसे ट्रेंकुलाइज किया जाता है, कैसे उपचार किया जाता है। कैसे जनगणना की जाती है और एक जिले से दूसरे जिले में बाघों को क्यों ट्रांसफर किया जाता है। बफर जोन क्या है, इन सभी की जानकारी छात्रों की जिज्ञासों को उन्होंने पूरा किया। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रीय उद्यान कान्हा की विशेषताओं की जानकारी विद्यार्थी को उपलब्ध कराई। इस अवसर पर आरके छतरी सेवानिवृत शिक्षक पर्यावरण विद एवं पर्यावरण सदस्य ने कहा की राष्ट्रीय उद्यान कान्हा का कुशल प्रबंधन निश्चित तौर पर समस्त कर्मचारी एवं अधिकारियों की विशेष समर्पित भाव की मेहनत है जो कि मध्यप्रदेश को टाइगर स्टेट बनाने में सहायक बना है। उन्होंने फील्ड डायरेक्टर कान्हा एसके सिंह एवं समस्त स्टाफ को शुभकामनाएं देते हुए अवगत कराया की पूरे भारत में मध्य प्रदेश को टाइगर स्टेट का पद सुशोभित करने में अथक प्रयास रहा है।
बताया गया कि आने वाले वर्षों में विद्यालयों में इको क्लब के माध्यम से प्राथमिक माध्यमिक एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों पर कान्हा में पाए जाने वाले वन्य प्राणियों के चित्रों को विद्यालय के दीवारों में चित्र बनाने का प्रयास करके विद्यार्थियों में प्रकृति के संरक्षण के प्रति जागरूकता लाने का प्रयास किया जाएगा एवं इको क्लब को सशक्त बनाया जाएगा। सहायक आयुक्त जनजाति विकास एवं जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के माध्यम से पर्यावरण शिक्षण कार्यक्रम के तहत एपको के मार्गदर्शन में कार्यक्रम पूरे जिले में संचालित किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में दशरथ कुशराम अधीक्षक द्वारा अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी छात्रों को पर्यावरण संरक्षण के लिए मिशन लाइफ डे के अंतर्गत शपथ दिलाई गई। इसके साथ ही मां के नाम एक पौधा अभियान के तहत वृक्षारोपण किया गया।












