- किसानों को धोखा दे रहा मानसून
- झमाझम बारिश का इंतजार
- बोवनी और रोपा की तैयारी लेकिन बरस नहीं रहे बदरा

मंडला महावीर न्यूज 29. जिले में अब तक मानसूनी बारिश ने जोर नहीं दिखाया है। मानसूनी बािरश के लिए लोगों का इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है। हो रही बारिश से लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली लेकिन उमस ने हलाकान कर दिया। हुई बारिश से किसानों समेत लोगों की उम्मीद जागी कि अब मानसून झमाझम बारिश से खेत, नदी, तालाबों को लबालब कर देगा, लेकिन बादल उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। इन दिनों आमतौर पर मानसूनी बारिश शुरू हो जाती थी। मानसून आने के कारण अच्छी बारिश होती थी और खेतों में धान समेत अन्य खरीफ फसलों की बोवाई और रोपाई कार्य शुरू कर दिया जाता था।
जानकारी अनुसार किसान अब खेतों में हल-बैल के साथ दिखाई दे रहे है और झमाझम बारिश का इंतजार कर रहे है। वहीं दूसरी और आम लोगों को गर्मी से निजात मिल जाती थी। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो रहा है। अब तक जिले में मानसूनी बारिश नहीं हुई है। सोमवार को सुबह से सूर्य देव अपनी प्रचंण किरणों के साथ उपस्थिति दर्ज कराई। वही सूर्यदेव की चुभन भरी धूप के साथ उमस ने दिनभर लोगों को परेशान कर रखा। वही आसमान में कभी बादल छा जाते तो धूप निकल जाती। दिनभर आसमान में सूर्यदेव और बादलों के बीच लुकाछिपी का खेल चलता रहा। जिसके कारण लोगों उमस भरी गर्मी से परेशान होना पड़ा। उमस भरी गर्मी के बीच जिले भर में अलग अलग समय में बारिश का दौर भी चला, लेकिन बारिश के बाद हालात जस के तस रहे। उमस भरी गर्मी से लोगो को परेशान देखा गया।
झमाझम बारिश का कर रहे इंतजार
पिछले एक पखवाड़े से मानसून आने का इंतजार कर रहे किसानों के अरमानों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। उमड़-घुमड़ रहे बदरा और छुटपुट हो रही बारिश किसानों को धोखा दे रहे हैं। रिमझिम फुहारों के बीच चिलचिलाती धूप व उमस भरी गर्मी से आम लोगों का जीवन जहां संकटपूर्ण हो गया है वहीं किसानों के धान के रोपे पर भी खतरा मंडरा रहा है। इसकी वजह से किसानों के माथे पर चिंता की रेखाएं खिंच गई हैं। अगर दो-चार दिन में मौसम में बदलाव नहीं हुआ तो किसानों केे द्वारा बनाए गए रोपे खेतों में ही सूखने लगेंगे। जिन किसानों को पास सिंचाई का साधन है, वे किसान रोपा लगाना शुरू भी कर दिए है, लेकिन जो मानसून पर निर्भर है वे किसान आसमान की तरफ टकटकी लगाए हुए है कि झमाझम बारिश हो और खेतों में लगे रोपों को लगाना शुरू करें।
उमस भरी गर्मी से परेशान
विगत दिवस मौसम ने अपना रुख दिखाना शुरू किया तो इससे लग रहा था कि अब मानसून ने दस्तक दे दी है। लेकिन एक-दो मौसम सुहावना रहा, फिर वही चिलचिलाती धूप व उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल हो गए। लोगों को लग रहा था कि अब मानसून आ गया है लेकिन बारिश के बाद धूप निकलने से उमस भरी गर्मी से लोगों की रात की नींद हराम हो गई हैं। वही इस उमस भरी गर्मी में अचानक विद्युत प्रवाह बंद होने से ये दाद में खाज का काम कर रही है। वही कही कम वोल्टेज आ रहा है तो कही वोल्टेज ज्यादा हो रहा है। इस कम ज्यादा के चक्कर में विद्युत उपकरण चल नहीं पा रहे। गर्मी से रात में नींद आना मुश्किल हो गया है।
धान के रोपे तैयार
वर्तमान समय में किसानों के धान के रोपे तैयार हो गए है। किसान धान के रोपे को हर हाल में खेतों में पहुंचाना चाह रहा है। ऐसे में पिछले कुछ दिनों से पर्याप्त बारिश न होने की वजह से किसान अटका हुआ है। जिन किसानों के पास सिंचाई के साधन है वे खेतों में रोपा लगाना शुरू कर दिए है, लेकिन धान के रोपे बैठाने के लिए किसानों को पानी की सख्त जरूरत है। ऐसे में वर्तमान समय में झमाझम बारिश हो जाए तो किसानों की रोपाई में चार चांद लग जाएगा। किसान आसमान की तरफ टकटकी लगा कर देख रहे हैं। आसमान में उमड़-घुमड़ रहे बादल किसानों को डरा भी रहे हैं लेकिन बरस नहीं रहे हैं।














