महाराजपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई
नाव चालक रज्जू नंदा की हत्या का 24 घंटे में खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार
- पुरानी रंजिश में सो रहे युवक पर लोहे की रॉड से हमला
- दो आरोपी पहुंचे सलाखों के पीछे
मंडला महावीर न्यूज 29. पुलिस अधीक्षक राजेश रघुवंशी के निर्देशन और एसडीओपी पीयूष मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना महाराजपुर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने संगमघाट निवासी नाव चालक रज्जू नंदा की नृशंस हत्या के मामले का महज 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी अनुसार 19 सितंबर को महाराजपुर पुलिस को सूचना मिली कि संगमघाट निवासी नाव चालक रज्जू नंदा पर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा प्राणघातक हमला किया गया है, जिसे गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल मंडला ले जाया गया है। पुलिस तुरंत अस्पताल पहुंची, जहां डॉक्टरों ने गंभीर चोटों के कारण रज्जू नंदा को मृत घोषित कर दिया। मृतक के सिर, कान और नाक पर किसी ठोस वस्तु से ताबड़तोड़ प्रहार किए जाने के निशान पाए गए थे। मामले में प्रार्थी अंकित नंदा निवासी बूढ़ीमाई की रिपोर्ट पर थाना महाराजपुर में संदेही नंदा नंदा और राजेश बैरागी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
पुरानी रंजिश में सो रहे युवक पर रॉड से किया प्रहार
घटना की गंभीरता को देखते हुए महाराजपुर थाना प्रभारी निरीक्षक डॉ. जयसिंह यादव के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए दोनों संदेहियों को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने पुरानी रंजिश और पूर्व में हुए विवाद के चलते हत्या करने की बात कबूल की। आरोपियों ने बताया कि 18 सितंबर की रात उन्होंने संगमघाट के पास निर्माणाधीन नए पुल के नीचे पड़ी लोहे की रॉड उठाई और रज्जू नंदा की झोपड़ी में घुस गए। वहां सो रहे रज्जू के सिर, मुंह और कान पर लोहे की रॉड से घातक वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई।
हत्या के आरोपी हुए गिरफ्तार
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड और घटना के समय पहने गए कपड़े विधिवत जब्त कर लिए हैं। गिरफ्तार आरोपी में नंदा नंदा पिता खुज्जु नंदा, 35 वर्ष और राजेश बैरागी पिता राममिलन बैरागी, 26 वर्ष दोनों निवासी बूढ़ीमाई वार्ड, संगमघाट, महाराजपुर मंडला को गिरफ्तार किया गया।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
हत्याकांड का 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश करने में थाना प्रभारी निरीक्षक डॉ. जयसिंह यादव, उप निरीक्षक रूपराम झारिया, भीमराव मेश्राम, नागेंद्र पटेल, सउनि रमेश पाल, तिलकचंद सोनेकर, सरोज चौधरी, प्रधान आरक्षक अमित गरयार, विजय तेकाम, माखन वरकड़े, चंद्रशेखर, शिवचरण, आरक्षक सुंदर भलावी, हरिदास बिंझिया, शिवा नाविक, विष्णु जंभारे, संदीप पूसाम, राज बघेल, प्रनित बिसेन तथा एसएसयू बल की पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।









