मंडला में प्रशासन और पटवारियों के बीच टकराव तेज
अब एसडीएम घुघरी के खिलाफ खोला मोर्चा
- दुव्र्यवहार, धमकी और बिना नोटिस निलंबन से भड़का पटवारी संघ
- कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कार्रवाई निरस्त करने की मांग
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले में पटवारियों और जिला प्रशासन के बीच टकराव थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन किसी न किसी निर्देश या आदेश को लेकर विवाद की स्थिति बन रही है। बीते दिनों मंडला एसडीएम के विरोध के बाद शनिवार को जिला पटवारी संघ ने एसडीएम घुघरी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भारी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे पटवारियों ने एसडीएम घुघरी पर दुव्र्यवहार, अनावश्यक दबाव बनाने, सार्वजनिक रूप से अपमानित करने और मानसिक प्रताडऩा देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। जिला पटवारी संघ के अध्यक्ष गीतेन्द्र बैरागी के नेतृत्व में दर्जनों पटवारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। तहसील अध्यक्ष समकुमार मार्को और प्रदेश प्रांताध्यक्ष उपेन्द्र सिंह बघेल के हस्ताक्षर वाले इस ज्ञापन में एसडीएम के आचरण की समीक्षा करने और पटवारी के निलंबन की कार्रवाई को तत्काल निरस्त करने की मांग की गई है।
संघ का कहना है कि प्रांतीय आह्वान पर प्रदेशभर के पटवारी स्वामित्व योजना के कार्यों से पूरी तरह अलग हैं और इसकी लिखित सूचना प्रशासन को पहले ही दी जा चुकी है। इसके बावजूद एसडीएम घुघरी संस्कार बावेरिया द्वारा पटवारियों पर कार्य करने का अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। ज्ञापन में दो प्रमुख घटनाओं का जिक्र किया गया है। जिसमें विगत 18 सितंबर की घटना है, जहां ग्राम पंचायत मुंगवानी में पटवारी अनिल नंदा पर कार्य करने के लिए जबरन दबाव बनाया गया। आरोप है कि जब पटवारी ने विरोध किया, तो एसडीएम ने अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया और नायब तहसीलदार मोहगांव के समक्ष निलंबित करने की धमकी दी। वहीं देवगांव (हल्का नंबर 27) के पटवारी धनश्याम आर्मो पर भी 17 सितसंबर शाम करीब 7 बजे कार्य का दबाव बनाया गया। मना करने पर एसडीएम घुघरी ने नायब तहसीलदार के फोन से पटवारी को धमकी दी और बाद में स्वामित्व योजना का हवाला देते हुए उन्हें निलंबित कर दिया।
निलंबन की प्रक्रिया और कारणों पर भी उठाए सवाल
पटवारी संघ ने निलंबन आदेश में बताई गई विसंगतियों को भी उजागर किया है। संघ का कहना है कि निलंबन आदेश में फार्मर आईडी और सीएम हेल्पलाइन की जिन तीन शिकायतों का जिक्र है, वे एक ही परिवार के सदस्यों द्वारा की गई हैं, जो वर्तमान में बिछिया तहसील क्षेत्र में निवास करते हैं। इसके अलावा संघ ने सबसे बड़ी आपत्ति इस बात पर जताई है कि शासन के नियमों के विपरीत जाकर संबंधित पटवारी को बिना कारण बताओ नोटिस जारी किए ही सीधे निलंबित कर दिया गया। इन कथित मनमानी कार्यवाहियों के चलते घुघरी तहसील सहित जिले भर के पटवारियों में भारी आक्रोश है।









