अवैध शराब का जबलपुर सीमा से बीजाडांडी तक बिछा नेटवर्क
सागर जैसी बड़ी त्रासदी का मंडरा रहा खतरा
- मंडला जिले में धड़ल्ले से चल रहा अवैध शराब का कारोबार
- नर्मदा किनारे 5 किमी के प्रतिबंध की खुलेआम उड़ रहीं धज्जियां
- एक फोन पर घर पहुंच रही अवैध शराब
मंडला महावीर न्यूज 29. आदिवासी बाहुल्य मंडला जिले में इन दिनों अवैध शराब का कारोबार अपने चरम पर है। आबकारी और पुलिस विभाग की सुस्ती के चलते शराब माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब महज एक फोन कॉल पर ग्राहकों को घर बैठे शराब परोसी जा रही है। जिले के शहरी क्षेत्रों से लेकर दूरदराज के ग्रामीण अंचलों तक अवैध शराब का यह नेटवर्क तेजी से फैल चुका है, जो न केवल युवाओं को नशे की गर्त में धकेल रहा है, बल्कि क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती बन गया है।
धार्मिक नगरी की मर्यादा तार-तार
मंडला को एक पवित्र और धार्मिक नगरी के रूप में जाना जाता है। पुण्य सलिला माँ नर्मदा के तट पर बसे होने के कारण शासन-प्रशासन द्वारा नर्मदा नदी के पांच किलोमीटर के दायरे में शराब के विक्रय पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाया गया है। इस सख्त आदेश के बावजूद जमीनी हकीकत बिल्कुल उलट है। जिला मुख्यालय सहित नर्मदा के तटीय क्षेत्रों में प्रतिबंधों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। तस्कर बेखौफ होकर प्रतिबंधित क्षेत्रों में भी शराब की खेप पहुंचा रहे हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं।
जबलपुर सीमा से हो रही अवैध सप्लाई
अवैध शराब के इस सुनियोजित खेल में पड़ोसी जिलों की सीमाएं सुरक्षित पनाहगाह बन गई हैं। सूत्रों के अनुसार जबलपुर जिले से लगे मंडला के सीमावर्ती क्षेत्रों विशेषकर उदयपुर और बीजाडांडी में लगातार अवैध शराब की बड़ी खेप सप्लाई की जा रही है। जबलपुर से बीजाडांडी की दूरी मात्र 33 किलोमीटर होने के कारण तस्कर इस मार्ग का बेखौफ इस्तेमाल कर रहे हैं। इन क्षेत्रों में शराब माफियाओं ने अपना मजबूत सिंडिकेट बना लिया है, जिसे रोकने में स्थानीय प्रशासन और जिम्मेदार विभाग फिलहाल नाकाम साबित हो रहे हैं।
सागर जैसी त्रासदी का मंडरा रहा खौफ
हाल ही में सागर में हुए शराब हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था। मंडला के जागरूक नागरिकों ने गहरी चिंता जताई है कि यदि समय रहते मंडला समेत बीजाडांडी, उदयपुर, कालपी, पौड़ी, मानिकसराय, धनवाही, विजयपुर, और अन्य क्षेत्रों में पनप रहे इस अवैध कारोबार पर सख्त अंकुश नहीं लगाया गया, तो मंडला में भी सागर जैसी कोई बड़ी और हृदयविदारक घटना घट सकती है। अवैध रूप से बन रही और बिक रही इस शराब की गुणवत्ता की कोई गारंटी नहीं होती, जिससे जहरीली शराब के वितरण का खतरा हमेशा बना रहता है।
जिम्मेदार विभागों से कार्रवाई की गुहार
जिलेवासियों ने आबकारी विभाग, पुलिस प्रशासन और जिला कलेक्टर से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेने की अपील की है। नागरिकों की मांग है कि सीमावर्ती मार्गों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जाए। अवैध शराब डंप करने वाले ठिकानों पर छापामार कार्रवाई हो और इस काले कारोबार में लिप्त शराब माफियाओं पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह लापरवाही किसी अनहोनी का कारण बन सकती है।









