मंडला फोर्ट से पेंचवेली एक्सप्रेस चलाने की मांग ने पकड़ा जोर
युवाओं ने संभाला मोर्चा, बड़ा जंक्शन बनाने की उठाई आवाज
- अमृत भारत स्टेशन होने के बावजूद लंबी दूरी की ट्रेनों का इंतजार
- नागपुर और इंदौर-उज्जैन तक रेल सेवा की मांग
मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला फोर्ट से पेंचवेली एक्सप्रेस के नियमित संचालन की मांग अब जनआंदोलन का रूप लेती जा रही है। समाजसेवी अखिलेश सोनी के अनुसार, इस मांग को लेकर जल्द ही युवाओं और बुद्धिजीवियों के नेतृत्व में एक बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। नागरिकों का कहना है कि ट्रेन को मंडला फोर्ट तक आए लगभग एक वर्ष हो चुका है, लेकिन नियमित संचालन अब तक शुरू नहीं हुआ है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित होने के बावजूद यहां के आदिवासी बहुल क्षेत्र के लोगों को लंबी दूरी की ट्रेनों का आज भी इंतजार है।
जानकारी अनुसार बढ़ते बस किराए के कारण आम यात्रियों, मरीजों और विद्यार्थियों को जबलपुर, नागपुर और इंदौर जैसे शहरों में जाने के लिए भारी आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिलेवासियों का मानना है कि यदि मंडला फोर्ट का समुचित विकास कर यहां से विभिन्न दिशाओं में ट्रेनें चलाई जाएं, तो यह भविष्य में इटारसी जैसा बड़ा रेल जंक्शन बन सकता है। इससे न केवल स्थानीय लोगों को रोजगार और व्यापार में लाभ मिलेगा, बल्कि अपार संभावनाओं वाले पर्यटन क्षेत्र को भी सीधा फायदा पहुंचेगा।
एकजुट होने की अपील
बताया गया कि पूर्व में लोकसभा सांसद रहे श्याम लाल धुर्वे भी मंडला की रेल समस्याओं, खनिज संसाधनों के उपयोग और आदिवासी क्षेत्र की उपेक्षा का मुद्दा संसद में उठा चुके हैं। नागरिकों ने अब राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सभी दलों और सामाजिक संगठनों से एकजुट होने की अपील की है, जिससे पूर्व में हुए बिलासपुर-पंडरिया-मंडला-जबलपुर और गौरेला-पेंड्रा-मंडला-नरसिंहपुर रेल लाइन सर्वे को धरातल पर उतारा जा सके।
नागरिकों की प्रमुख मांगें
बताया गया कि मंडला फोर्ट के विकास के लिए नागरिकों ने मांग की है कि मंडला फोर्ट से पेंचवेली एक्सप्रेस का नियमित संचालन तुरंत शुरू किया जाए। मंडला से नागपुर, इंदौर और उज्जैन के लिए सीधी ट्रेन सेवा शुरू हो। मंडला फोर्ट को एक बड़े रेल जंक्शन के रूप में विकसित किया जाए। मंडला-बिलासपुर और मंडला-पेंड्रा रेल परियोजनाओं पर पूर्व सर्वे के आधार पर कार्रवाई हो। जिले की प्रमुख यात्री बसों का स्टॉपेज मंडला फोर्ट रेलवे स्टेशन पर भी निर्धारित किया जाए। अमरकंटक और नर्मदा क्षेत्र को रेल नेटवर्क से जोड़कर पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए।









