प्रशासनिक अनदेखी-नर्मदा रपटा पुल पर ज्वाइंट हुए गहरे, ऑटो चालकों ने भरे खुद
दुपहिया और ऑटो चालकों के लिए रपटा पुल खतरनाक
- वाहन हो रहे अनियंत्रित, दुर्घटना का अंदेशा
- पुल पर वाहन हो रहे अनियंत्रित, बना है बड़ी दुर्घटना का अंदेशा
- कंक्रीट उखडऩे से दोबारा पैदा हुई समस्या
- दुपहिया और ऑटो चालकों के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक
मंडला महावीर न्यूज 29. नर्मदा नदी पर बने ऐतिहासिक रपटा पुल के जोड़ों पर बनी गहरी दरारें इन दिनों राहगीरों और वाहन चालकों के लिए बड़ी मुसीबत का सबब बन गई हैं। पुल के क्षतिग्रस्त जोड़ सड़क पर किसी खतरनाक ब्रेकर की तरह काम कर रहे हैं, जिससे गुजरने वाले वाहनों को भारी झटके लग रहे हैं। इसके कारण न सिर्फ वाहनों के कलपुर्जे टूट रहे हैं, बल्कि तेज रफ्तार वाहन अचानक अनियंत्रित भी हो रहे हैं, जिससे यहाँ किसी भी वक्त बड़ी दुर्घटना होने का अंदेशा बना हुआ है।
बताया गया कि पुल पर बने ये गड्ढे और दरारें इतनी गहरी हैं कि दुपहिया वाहन चालकों के लिए यह जानलेवा साबित हो रहे हैं। विशेष रूप से ऑटो चालक इन दरारों से अत्यधिक परेशान हैं, जिन्हें यात्रियों की सुरक्षा के लिए अपने वाहनों की गति को अचानक बहुत धीमा करना पड़ता है। स्थानीय निवासियों और चालकों ने बताया कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों को इस बदहाली से अवगत कराया, लेकिन इसके स्थायी समाधान के लिए प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
महीने भर में दूसरी बार चालकों ने खुद की मरम्मत
प्रशासन की इस घोर अनदेखी के चलते हाल ही में कुछ स्थानीय ऑटो चालकों ने स्वयं ही सराहनीय पहल की है। उन्होंने अपनी जेब से पैसे खर्च कर और स्थानीय संसाधनों का उपयोग करके इन गहरी दरारों को अस्थायी रूप से भरकर समतल किया। चालकों ने बताया कि इससे पहले एक माह पूर्व भी उन्होंने स्वयं कंक्रीट भरकर इन ज्वाइंट्स को दुरुस्त किया था, लेकिन भारी और लगातार यातायात के चलते कंक्रीट उखड़ गया। वर्तमान में पुल के कई हिस्सों से डामरीकरण भी पूरी तरह उखड़ चुका है।
स्थायी समाधान की मांग
श्रमदान करने वाले ऑटो चालकों का कहना है कि उनके द्वारा किया गया प्रयास केवल एक तात्कालिक राहत है। पुल की तकनीकी सुरक्षा और सुचारु यातायात के लिए इन क्षतिग्रस्त जोड़ों की लोक निर्माण विभाग द्वारा विशेषज्ञता के साथ पक्की मरम्मत करना अत्यंत आवश्यक है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार किए बिना इस पुल की सुध ली जाए।










