एमपी के स्कूलों का बदलेगा स्वरूप: सिलेबस में शामिल होगी सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी

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एमपी के स्कूलों का बदलेगा स्वरूप: सिलेबस में शामिल होगी सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी

शिक्षा घर योजना को मिली मंजूरी

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की शिक्षा विभाग की समीक्षा
  • शत-प्रतिशत रिजल्ट वाले स्कूल होंगे सम्मानित
  • 1 जुलाई से पहले होगी अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया 

भोपाल/मंडला महावीर न्यूज 29. मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था और बुनियादी ढांचे में आने वाले दिनों में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्कूल शिक्षा विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को अत्याधुनिक, संस्कारवान और रोजगारोन्मुखी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार सांदीपनि विद्यालय जैसी अत्याधुनिक शालाओं के माध्यम से प्रदेश की मजबूत नींव तैयार कर रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि 16 जून से शुरू हो रहे नए शैक्षणिक सत्र से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं।

पाठ्यक्रम में शामिल होगा गौरवशाली इतिहास

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब मध्य प्रदेश के स्कूली छात्र अपनी जड़ों और गौरवशाली इतिहास से रूबरू होंगे। इसके तहत ⇒

  • सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी को स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा।
  • भगवान श्रीकृष्ण के गुरु सांदीपनि ऋषि के जीवन पर एक विशेष रोचक पुस्तक तैयार की जाएगी।
  • 1 जुलाई से 29 जुलाई (गुरु पूर्णिमा) तक स्कूलों में ‘शिक्षक वंदना’ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
  • ‘शिक्षा घर’ योजना: ड्रॉपआउट बच्चों को मिलेगा मौका

मुख्यमंत्री ने ‘शिक्षा घर योजना’ को सैद्धांतिक सहमति दे दी है। यह योजना उन युवाओं के लिए वरदान साबित होगी जिन्होंने किन्हीं कारणों से 8वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड के माध्यम से ऐसे छात्र दोबारा परीक्षा देकर हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी उत्तीर्ण कर सकेंगे।

व्यावसायिक कौशल और तकनीक पर दिया जोर

मुख्यमंत्री ने शिक्षा को सीधे रोजगार से जोड़ने के निर्देश देते हुए कहा कि: ⇒

  • कक्षा 8 से 12 तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कौशल को जोड़ने के लिए कार्ययोजना बनाई जाए।
  • हाइस्कूल और हायर सेकेंडरी में कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएं।
  • 12वीं के बाद छात्रों की ट्रैकिंग की जाए ताकि सरकार के पास उनके रोजगार और उच्च शिक्षा का डेटाबेस उपलब्ध रहे।

शिक्षकों की भर्ती के साथ होगा स्कूलों का सम्मान

अतिथि शिक्षक: मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया 1 जुलाई से पहले अनिवार्य रूप से पूरी कर ली जाए।

सम्मान: शत-प्रतिशत परिणाम देने वाले स्कूलों के साथ-साथ 90% से अधिक रिजल्ट देने वाली संस्थाओं को भी सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा।

लिए गए अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

नामांकन में वृद्धि: बैठक में बताया गया कि सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 के नामांकन में 32.4% की रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

सांसाधन: भौतिक और मानव संसाधन की कमी वाले जिलों की अलग श्रेणी बनाकर वहां प्राथमिकता से काम शुरू किया जाएगा।

सहयोग: महिला एवं बाल विकास विभाग और शिक्षा विभाग अब मिलकर बच्चों की शुरुआती पढ़ाई पर ध्यान देंगे।

निर्देश- मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि एक वर्ष से पुरानी कोई भी घोषणा लंबित न रहे और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए तकनीक व नवाचार को प्राथमिकता दी जाए।


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