बीएड धारी प्राथमिक शिक्षकों की भी समाप्त हो परिवीक्षा अवधि
टीडब्ल्यूटीए ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
- ब्रिज कोर्स के नाम पर अड़ंगा लगाने से भड़के शिक्षक
- सशर्त परिवीक्षा अवधि समाप्त करने की मांग
- भर्ती नियमों के तहत मिली थी नियुक्ति
मंडला महावीर न्यूज 29. मध्य प्रदेश के विभिन्न शासकीय प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत बीएड धारी नवीन प्राथमिक शिक्षकों की तीन वर्ष की परिवीक्षा अवधि को सशर्त तत्काल समाप्त करने की मांग तेज हो गई है। इस संबंध में ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शिक्षकों की इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान आकर्षित कराया है।
डीके सिंगौर ने बताया कि पत्र में उल्लेख किया गया है कि प्रदेश के हजारों नवीन प्राथमिक शिक्षक विगत तीन वर्षों से पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं। शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों की परिवीक्षा अवधि समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जो कि स्वागत योग्य कदम है। लेकिन बीएड धारी शिक्षकों के सामने छह माह के ब्रिज कोर्स की अनिवार्यता का अड़ंगा लगा दिया गया है। एसोसिएशन का कहना है कि इन शिक्षकों ने भर्ती नियमों के अनुरूप परीक्षा उत्तीर्ण कर नियुक्ति प्राप्त की थी और तीन वर्ष की परिवीक्षा अवधि भी सफलतापूर्वक पूरी कर ली है।
शासन की देरी का खामियाजा भुगत रहे शिक्षक
टीडब्ल्यूटीए के पदाधिकारियों ने बताया कि समय पर ब्रिज कोर्स का आयोजन कराना विभाग और शासन की जिम्मेदारी थी। शासन स्तर पर देरी होने का दुष्परिणाम आज निर्दोष शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है। परिवीक्षा अवधि लंबित रहने के कारण हजारों शिक्षक आर्थिक और मानसिक दबाव से गुजर रहे हैं, क्योंकि उन्हें पूर्ण वेतनमान, वार्षिक वेतन वृद्धि और स्थानांतरण नीति जैसे बुनियादी लाभों से वंचित होना पड़ रहा है। कई शिक्षकों ने तो ब्रिज कोर्स के लिए नामांकन कराकर निर्धारित शुल्क भी जमा कर दिया है, जो उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
एसोसिएशन ने दिया न्यायोचित समाधान का सुझाव
ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डीके सिंगौर और प्रांत सचिव हेमेंद्र मालवीय ने एक संयुक्त विज्ञप्ति जारी कर सरकार को इस समस्या का व्यावहारिक समाधान सुझाया है। उन्होंने मांग की है कि जिन बीएड धारी शिक्षकों ने ब्रिज कोर्स के लिए नामांकन कर शुल्क जमा कर दिया है, उनकी परिवीक्षा अवधि तत्काल सशर्त समाप्त की जाए।
इस आदेश में यह शर्त जोड़ी जा सकती है कि भविष्य में आयोजित होने वाले ब्रिज कोर्स को निर्धारित समय-सीमा में उत्तीर्ण न करने पर संबंधित शिक्षक की परिवीक्षा अवधि, सेवा स्वत: समाप्त मानी जाएगी। इससे शासन के नियम भी सुरक्षित रहेंगे, शिक्षकों की जवाबदेही तय होगी और हजारों परिवारों को मानसिक व आर्थिक प्रताडऩा से बड़ी राहत मिल सकेगी। एसोसिएशन ने इस संबंध में मुख्यमंत्री के साथ-साथ स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिवों व आयुक्तों को भी पत्र भेजकर शीघ्र न्यायोचित निर्णय लेने की अपील की है।










