संस्कार और शौर्य का संगम, प्रभात फेरी से गूँजा नगर
काशी विश्वनाथ वैदिक गुरुकुल में सजेगा चरित्र निर्माण शिविर
- 16 मई से युवाओं को मिलेगा योग
- आत्मरक्षा और वैदिक ज्ञान का विशेष प्रशिक्षण
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के जिलहरी घाट गाजीपुर के पावन तट पर संचालित काशी विश्वनाथ वैदिक गुरुकुल अपने वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जोडऩे के लिए एक भव्य आयोजन करने जा रहा है। आगामी 16 से 22 मई तक आयोजित होने वाले सात दिवसीय युवक व युवती चरित्र निर्माण शिविर की तैयारियों ने अब जोर पकड़ लिया है।
प्रभात फेरी के माध्यम से जन-जागरण
शिविर के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए गुरुकुल परिवार और उत्साही युवाओं द्वारा नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभात फेरी निकाली जा रही है। भोर की पहली किरण के साथ निकलने वाली इन फेरियों में वैदिक नारों, भजनों और प्रेरणादायक संदेशों के माध्यम से समाज को जागृत किया जा रहा है। इस दौरान गुरुकुल के सदस्यों ने घर-घर जाकर अभिभावकों को शिविर के महत्व के बारे में जानकारी दी, जिसे नगरवासियों ने सराहा और अपने बच्चों को इस पुनीत कार्य में भेजने का संकल्प लिया?
शिविर का उद्देश्य, सर्वांगीण विकास
आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में जहाँ युवा मोबाइल और पाश्चात्य आकर्षणों के बीच अपनी जड़ों से दूर हो रहे हैं, यह शिविर उन्हें अनुशासन और आत्मविश्वास का मार्ग दिखाएगा। शिविर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक उन्नति करना है। गुरुकुल परिवार का मानना है कि केवल अकादमिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि संस्कार और मजबूत चरित्र ही एक बच्चे को जीवन के संघर्षों में सफल और श्रेष्ठ बनाते हैं।
प्रशिक्षण की मुख्य विशेषताएँ
इस सात दिवसीय प्रवास के दौरान शिविरार्थियों को विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिसमें योग, आसन, प्राणायाम और ध्यान के माध्यम से स्वस्थ शरीर और शांत मन का विकास। युवाओं को कराटे, मल्लखंभ, लाठी, भाला, तलवार चलाना और विभिन्न अस्त्र-शस्त्रों का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। बौद्धिक उन्नति के लिए वैदिक सिद्धांतों का परिज्ञान, यज्ञ और भारतीय संस्कृति के श्रेष्ठ संस्कारों की सीख दी जाएगी। खेल-कूद के माध्यम से टीम भावना, आत्मनिर्भरता, नेतृत्व क्षमता और अनुशासन का विकास होगा।
शिविर की बनी रूपरेखा
शिविर आयोजकों ने बताया कि शिविरार्थियों के लिए भोजन और आवास की व्यवस्था गुरुकुल की ओर से नि:शुल्क की जाएगी। शिविर में सहभागिता के लिए कुछ प्रमुख नियम निर्धारित किए गए हैं। जिसमें शिविरार्थी की आयु 10 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। इसके साथ ही शिविर में सहभागिता करने के लिए पंजीकरण शुल्क 100 रुपये रखा गया है। सभी प्रतिभागियों को 15 मई की शाम 4 बजे तक शिविर स्थल पर पहुँचना अनिवार्य है। शिविर में युवकों के लिए निर्धारित गणवेश में खाकी हॉफ पेंट, सैंडो बनियान, सफेद जूते-जुराब और युवतियों के लिए सफेद सलवार सूट, केसरिया चुन्नी अनिवार्य है। युवकों के लिए शिविर स्थल गुरुकुल परिसर गाजीपुर रहेगा, जबकि युवतियों के लिए उत्कृष्ट विद्यालय, मंडला में व्यवस्था की गई है।
समापन समारोह में आयोजित होगी भव्य शोभायात्रा
शिविर का समापन 22 मई को एक भव्य धार्मिक और सांस्कृतिक अनुष्ठान के साथ होगा। इससे पूर्व 21 मई की शाम मंडला शहर में अस्त्र-शस्त्रों के साथ एक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। 22 मई को सायं 4 बजे से आचार्य मनुदेव वाग्मी जी के ब्रह्मत्व में 11 कुण्डीय सर्वकल्याण महायज्ञ संपन्न होगा। इसके बाद शिविरार्थियों द्वारा सीखी गई शौर्य कलाओं का प्रदर्शन किया जाएगा।
विद्वान और संत देंगे आशीर्वचन
इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में मंडला विधायक एवं कैबिनेट मंत्री श्रीमती संपतिया उइके, सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते सहित जिले के विधायक और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा देशभर से आए प्रकांड विद्वान, संत और वैदिक आचार्य भी युवाओं को आशीर्वचन देंगे। संरक्षक आचार्य महीपाल, आचार्य राजेंद्र जी और संचालक आचार्य भीमदेव नैष्ठिक ने समस्त धर्मप्रेमी बंधुओं और अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और राष्ट्र निर्माण के इस महायज्ञ में सहभागी बनें।












