देवरीकला में हादसे को न्यौता दे रही 30 साल पुरानी पानी टंकी
मियाद खत्म, फिर भी हो रही सप्लाई, जर्जर टंकी से दूषित जलापूर्ति
- बबलिया गांव में सफाई के अभाव से फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
- प्रशासन से नई टंकी की मांग
मंडला महावीर न्यूज 29. ग्राम देवरीकला बबलिया में पेयजल व्यवस्था के लिए बनी पानी की टंकी अब ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत और खतरे का सबब बन गई है। लगभग 30 वर्ष पूर्व निर्मित यह टंकी अपनी निर्धारित समय सीमा 20 वर्ष को काफी पहले ही पार कर चुकी है, लेकिन विभागीय अनदेखी के चलते आज भी इसी जर्जर ढांचे से पानी की सप्लाई की जा रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि टंकी की हालत इतनी खस्ता हो चुकी है कि इसमें जगह-जगह गहरी दरारें पड़ गई हैं और कांक्रीट का प्लास्टर आए दिन उखड़कर गिरता रहता है। निर्माण एजेंसी ने इसकी आयु मात्र 20 वर्ष तय की थी, जिसके बीत जाने के बाद भी इसका उपयोग जारी है। टंकी की कमजोर स्थिति को देखते हुए यहाँ कभी भी किसी बड़ी अनहोनी या गंभीर हादसे की आशंका बनी रहती है।
सफाई के अभाव में मिल रहा दूषित पानी
टंकी की जर्जर हालत के साथ इसकी नियमित साफ-सफाई न होना भी एक बड़ी समस्या है। ग्रामीणों का आरोप है कि समय पर सफाई न होने से टंकी के भीतर भारी गंदगी जमा हो गई है, जिससे घरों में पहुँचने वाले पानी की शुद्धता पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। दूषित पानी के कारण गांव में बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
प्रशासनिक अनदेखी से ग्रामीणों में रोष
स्थानीय निवासियों का कहना है कि संबंधित विभाग को कई बार लिखित और मौखिक सूचना दी गई, लेकिन अब तक जिम्मेदार अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि टंकी की तकनीकी जांच कर तत्काल मरम्मत कराई जाए अथवा नई टंकी का निर्माण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, पेयजल की शुद्धता के लिए नियमित सफाई की व्यवस्था भी अनिवार्य रूप से लागू करने की मांग की गई है।









