मवई में बैंकिंग सेवाएँ बेपटरी
- बैंक में घंटों लाइन में लगने के बाद खाली हाथ लौट रहे आदिवासी
- सर्वर और कैश की किल्लत से जनजीवन बेहाल
प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
मंडला महावीर न्यूज 29. आदिवासी बाहुल्य वनांचल क्षेत्र मवई में बैंकिंग व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिसका सीधा असर यहाँ के बैगा आदिवासियों और ग्रामीणों के दैनिक जीवन पर पड़ रहा है। ग्रामीण अपनी मजदूरी, पेंशन और सरकारी योजनाओं की राशि निकालने के लिए मीलों पैदल चलकर बैंक पहुँचते हैं, लेकिन दिनभर भूखे-प्यासे कतार में खड़े रहने के बाद उन्हें ‘सर्वर डाउन’ या ‘कैश खत्म’ होने का बहाना थमा दिया जाता है।
ठप्प पड़ी क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था
बैंकिंग सेवाओं की इस बदहाली ने क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी रोक दिया है। किसान खाद-बीज नहीं खरीद पा रहे हैं और छोटे व्यापारियों का लेन-देन ठप है। मनरेगा भुगतान और पेंशन न मिलने से बुजुर्गों और मजदूरों की स्थिति दयनीय हो गई है।
ग्रामीणों में बढ़ता जा रहा अविश्वास
लगातार हो रही असुविधा के कारण अब ग्रामीणों का बैंकिंग सिस्टम से भरोसा उठने लगा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में पर्याप्त कैश की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और तकनीकी समस्याओं का स्थायी समाधान कर अतिरिक्त स्टाफ की नियुक्ति की जाए ताकि दूर-दराज से आने वाले लोगों को भटकना न पड़े।










