औद्योगिक क्रांति से बदलेगी नैनपुर की तस्वीर
सैकड़ों एकड़ सरकारी जमीन पर उद्योग लगाने की उठी मांग
- नैनपुर बनेगा नया लॉजिस्टिक हब
- बायो गैस प्लांट के बाद अब एमएसएमई और कार्गो हब पर टिकी विकास की उम्मीदें
मंडला महावीर न्यूज 29। बुनियादी ढांचे में सुधार और नए निवेश की संभावनाओं के साथ नैनपुर अब एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर है। क्षेत्र में उपलब्ध सैकड़ों एकड़ खाली सरकारी और रेलवे की भूमि नैनपुर के भविष्य को बदलने की क्षमता रखती है। हाल ही में स्थानीय विधायक और जागरूक नागरिकों के अथक प्रयासों से 70 एकड़ जमीन अतिक्रमण मुक्त कराकर बायो गैस प्लांट के लिए आवंटित की गई है, जिसे विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
रेलवे की भूमि पर कार्गो हब की संभावना
नैनपुर एक महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शन है, जो इसे माल परिवहन के लिए आदर्श स्थान बनाता है। यहाँ रेलवे की सैकड़ों एकड़ भूमि खाली पड़ी है, जिस पर भू-माफियाओं की नजर है। विशेषकर वार्ड नंबर 15 खेरमाई के पीछे की भूमि को यदि कार्गो हब के रूप में विकसित किया जाए, तो यह क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
विकास के प्रमुख स्तंभ और लाभ
विशेषज्ञों और स्थानीय योजनाकारों का मानना है कि नैनपुर में छोटे और मध्यम उद्योगों (रूस्रूश्वह्य) को बढ़ावा देने से न केवल राजस्व बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के हजारों अवसर पैदा होंगे, जिससे पलायन पर प्रभावी रोक लगेगी। क्षेत्र में उपलब्ध कृषि और प्राकृतिक संपदा पर आधारित प्रोसेसिंग यूनिट्स लगाने पर भी जोर दिया जा रहा है। सड़कों के चौड़ीकरण और निर्बाध बिजली आपूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से निवेशकों को लुभाने के प्रयास तेज हो गए हैं। इस पहल से नैनपुर न केवल आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि राज्य के आर्थिक मानचित्र पर एक नई पहचान भी स्थापित करेगा। आगामी वर्षों में कई बड़ी परियोजनाओं के धरातल पर उतरने की उम्मीद जताई जा रही है।











