42 किमी की उत्तर वाहिनी नर्मदा परिक्रमा दो महिलाओं ने एक दिन में की पूर्ण

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श्रद्धा की शक्ति

42 किमी की ‘उत्तर वाहिनी’ नर्मदा परिक्रमा दो महिलाओं ने एक दिन में की पूर्ण

  • भीषण गर्मी में देवास की दो गृहणियों ने रचा इतिहास
  • मात्र 12 घंटे में पूरी की 21 दूनी 42 किलोमीटर की पैदल यात्रा

मंडला महावीर न्यूज 29 | मां नर्मदा के प्रति अटूट आस्था और अटूट संकल्प का एक अद्भुत उदाहरण आज मंडला की पावन धरा पर देखने को मिला। चैत्र मास के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाली दो दिवसीय ‘उत्तर वाहिनी नर्मदा परिक्रमा’ को देवास जिले की दो मातृ शक्तियों ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से मात्र एक दिन में पैदल चलकर पूर्ण कर लिया।

भीषण तपन पर भारी पड़ा भक्ति का जज्बा

देवास जिले के खातेगांव (नामनपुरा) की रहने वाली श्रीमती ज्योति दिनेश पटेल (45 वर्ष) और श्रीमती कोमल जाट (40 वर्ष) ने आज वह कर दिखाया जो सामान्यतः असंभव प्रतीत होता है। जहाँ अन्य भक्त इस 42 किलोमीटर की यात्रा को दो दिनों में विश्राम के साथ पूर्ण करते हैं, वहीं इन दोनों गृहणियों ने आज प्रातः व्यास नारायण मंदिर में रुद्राभिषेक और संकल्प पूजन के साथ अपनी यात्रा प्रारंभ की।

दिन भर की भीषण गर्मी और तपती धूप की परवाह किए बिना, दोनों ने निरंतर पैदल चलते हुए रात्रि 9:00 बजे पुनः व्यास नारायण मंदिर पहुँचकर जल अर्पण किया और अपनी परिक्रमा पूर्ण की। स्थानीय लोगों और आयोजन समिति ने इसे मां नर्मदा की कृपा और एक ‘चमत्कार’ के रूप में देखा है।

समिति ने किया भव्य स्वागत

इस अनूठी उपलब्धि पर यात्रा समापन के अवसर पर व्यास नारायण मंदिर में हर्ष का माहौल रहा। आयोजन समिति के वरिष्ठ सदस्यों द्वारा दोनों महिलाओं का आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे:

  • श्री श्याम श्रीवास जी (सपरिवार)
  • श्री लालाराम चक्रवर्ती जी
  • श्री घनश्याम जी (संचालक, राधा राज आश्रम)
  • श्री जीतू चौरसिया जी
  • रामायणी दुबे जी (जिन्होंने संपूर्ण संकल्प पूजा संपन्न कराई)

आज परिक्रमा का अंतिम दिन

आयोजन समिति ने बताया कि मां नर्मदा की उत्तर वाहिनी परिक्रमा केवल चैत्र मास में ही की जाती है। इस वर्ष चैत्र मास के समापन के साथ ही कल, 17 अप्रैल 2026 को इस परिक्रमा का अंतिम दिन होगा। समिति द्वारा प्रतिदिन आने वाले भक्तों के लिए भोजन, विश्राम और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की जा रही है, जिसमें अब स्थानीय मंडला वासियों का भी भरपूर सहयोग प्राप्त हो रहा है।

“भक्ति में वो शक्ति है जो शरीर की थकान को मिटा देती है। आज इन दो बहनों ने सिद्ध कर दिया कि यदि संकल्प सच्चा हो, तो मां नर्मदा स्वयं राह आसान कर देती हैं।” — आयोजन समिति



 

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