निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन सख्त

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निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन सख्त

दो बड़े स्कूलों का औचक निरीक्षण कर दी कड़ी चेतावनी

  • शिक्षा विभाग का एक्शन
  • महंगी किताबों और ड्रेस के लिए मजबूर किया तो निजी स्कूलों पर होगी बड़ी कार्रवाई

मंडला महावीर न्यूज 29. मध्यप्रदेश शासन के निर्देशों के परिपालन में जिला प्रशासन ने निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों के आर्थिक शोषण को रोकने के लिए सख्ती शुरू कर दी है। कलेक्टर के निर्देशन में जिला शिक्षा अधिकारी, सहायक संचालक और एपीसी जिला शिक्षा केंद्र की टीम ने शहर के प्रतिष्ठित भारत ज्योति हायर सेकेंडरी स्कूल और निर्मला सीनियर सेकेंडरी स्कूल का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कक्षों में जाकर छात्रों की पुस्तकों का बारीकी से अवलोकन किया। स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि निजी पब्लिकेशन की महंगी पुस्तकों को पाठ्यक्रम में शामिल न करें। शासन के निर्देशानुसार स्कूलों में एनसीईआरटी और एससीईआरटी की पुस्तकें अनिवार्य रूप से लागू की जानी चाहिए। साथ ही स्कूल प्रबंधन किसी भी छात्र या अभिभावक को चयनित विक्रेताओं से ही पुस्तकें, यूनिफॉर्म, टाई या जूते खरीदने के लिए औपचारिक या अनौपचारिक रूप से बाध्य नहीं कर सकेगा।

खुले बाजार से सामग्री खरीदने के लिए स्वतंत्र हैं अभिभावक 

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि मध्यप्रदेश निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन) नियम 2020 एवं संशोधित अधिनियम 2025 के तहत अभिभावक खुले बाजार से अपनी सुविधानुसार सामग्री खरीदने के लिए स्वतंत्र हैं। निरीक्षण दल ने स्कूल बैग पॉलिसी 2020 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

नियम उल्लंघन पर होगी दंडात्मक कार्रवाई 

जिला शिक्षा अधिकारी ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी निजी स्कूल शासन के निर्देशों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस सक्रियता से उन निजी स्कूलों में हड़कंप है जो कमीशन के चक्कर में अभिभावकों पर विशेष दुकानों से सामग्री खरीदने का दबाव बनाते थे।



 

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