कान्हा टाइगर रिजर्व में मादा बाघ की मौत

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कान्हा टाइगर रिजर्व में मादा बाघ की मौत

आपसी संघर्ष में गई जान, शरीर के सभी अंग मिले सुरक्षित

  • टेरिटोरियल फाइट का शिकार हुई मादा बाघ
  • विशेषज्ञों की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार, जांच में जुटा पार्क प्रबंधन

मंडला महावीर न्यूज 29. विश्व प्रसिद्ध कान्हा टाइगर रिजर्व से एक दुखद खबर सामने आई है। पार्क के कन्हारी वन परिक्षेत्र के अंतर्गत कक्ष क्रमांक आरएफ 112, करोंदावारे बीट में एक वयस्क मादा बाघ का शव मिला है। घटना की जानकारी मिलते ही पार्क प्रबंधन ने एनटीसीए के दिशा-निर्देशों के तहत त्वरित कार्यवाही करते हुए इलाके को सुरक्षित किया।वन्यप्राणी चिकित्सकों के दल द्वारा किए गए पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार मादा बाघ के शरीर पर चोट और गहरे घाव के निशान पाए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रथम दृष्टया यह मामला टेरिटोरियल फाइट यानी किसी अन्य बाघ के साथ हुए आपसी संघर्ष का प्रतीत होता है। राहत की बात यह है कि मृत बाघ के शरीर के सभी अंग पूरी तरह सुरक्षित पाए गए हैं, जिससे शिकार की संभावना से इनकार किया गया है।

डॉग स्क्वाड और विशेषज्ञों की टीम ने की जांच 

घटना स्थल और उसके आसपास के क्षेत्र की डॉग स्क्वाड की सहायता से गहन छानबीन की गई। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया डॉ. संदीप अग्रवाल वन्यप्राणी चिकित्सक, कान्हा, डॉ. आरएम भुरमूदे और डॉ. सुनील गोयल के विशेष दल द्वारा संपन्न की गई।

नियमों के तहत हुआ अंतिम संस्कार 

निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मादा बाघ का शवदाह, भस्मीकरण क्षेत्र संचालक रवीन्द्रमणि त्रिपाठी, सहायक संचालक सूरज सिंह सेन्द्राम, तहसीलदार बिछिया शंकर मेरावी, एनटीसीए प्रतिनिधि जैनब खान और अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी कराई गई है। कान्हा प्रबंधन ने इस मामले में वन अपराध प्रकरण दर्ज कर लिया है और अग्रिम वैधानिक कार्यवाही जारी है।



 

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