हुनर से बढ़ेंगे रोजगार के कदम
बम्हनी महाविद्यालय में छात्रों ने सीखे फूड प्रोसेसिंग और मार्केटिंग के गुर
- सीखने के साथ कमाई– शासकीय कला महाविद्यालय में फूड प्रोसेसिंग प्रशिक्षण का हुआ समापन
- मिलेट्स लड्डू से लेकर महुआ उत्पाद तक; विद्यार्थियों ने सीखे व्यंजन बनाने और स्टार्टअप शुरू करने के तरीके
मंडला महावीर न्यूज 29 | मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के तत्वाधान में शासकीय कला महाविद्यालय बम्हनी बंजर में आयोजित ‘फूड प्रोसेसिंग, पैकेजिंग एवं मार्केटिंग’ के अल्पवधि प्रशिक्षण का भव्य समापन हुआ। प्राचार्य डॉ. करुणा नेमा की उपस्थिति में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में चालीस छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
रोजगार की नई राह:
समापन सत्र को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. करुणा नेमा ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान तैयार किए गए उत्पाद हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा हैं। यदि छात्र इन्हें व्यावसायिक स्तर पर अपनाते हैं, तो यह उनके लिए स्वरोजगार का एक बेहतरीन जरिया बनेगा। प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. कुंती बराठे ने बताया कि शासन की मंशानुसार छात्रों को ऐसे उत्पाद बनाना सिखाया गया है, जिन्हें बाजार में निरंतर विक्रय किया जा सकता है।
मिलेट्स और पारंपरिक व्यंजनों का प्रशिक्षण:
मुख्य प्रशिक्षक पूजा सोलंकी के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने स्वास्थ्यवर्धक और स्वादिष्ट व्यंजन बनाने की कला सीखी। प्रशिक्षण में विशेष रूप से:
- मिलेट्स (बाजरा) लड्डू और महुआ लड्डू।
- रोस्टेड अलसी, नमकीन और तीली लद्दी।
- चटपटी सलोनी, गठिया और सेव चूड़ा। इन उत्पादों को तैयार करने के साथ-साथ सहायक मास्टर ट्रेनर भूमिका पटेल ने प्रोडक्ट पैकेजिंग और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जरूरी सावधानियों की जानकारी दी।
एक्सपर्ट टिप: बिजनेस और स्टार्टअप:
विशिष्ट अतिथि निशार कुरैशी ने बताया कि फूड प्रोसेसिंग का बाजार बहुत बड़ा है। यहाँ तत्काल उपयोग से लेकर 4 महीने तक सुरक्षित रहने वाले उत्पादों की भारी मांग है। वहीं, ‘जंगल फ्रेश एंटरप्राइजेज’ के संचालक ने अपने अनुभव साझा करते हुए छात्रों को बताया कि कैसे इस प्रशिक्षण के बाद खुद का स्टार्टअप शुरू किया जा सकता है और पढ़ाई के साथ अतिरिक्त आमदनी की जा सकती है। क्रीड़ा अधिकारी डॉ. विवेक जायसवाल ने भी छात्रों का उत्साहवर्धन किया।
विशेष सहयोग:
कार्यक्रम का सफल संचालन जुली द्वारा किया गया एवं आभार प्रदर्शन डॉ. कुंती बराठे ने किया। इस अवसर पर प्रशिक्षणार्थियों द्वारा बनाए गए उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। कार्यक्रम को सफल बनाने में एस.पी. झरिया, आयुष हरदाहा, डॉ. मनीष लांजेकर, सुनैना सिंह, भानुप्रताप सिंह और अन्य स्टाफ का विशेष सहयोग रहा।









