- पसी चावल व महुआ ग्रहण कर हलषष्टी व्रत का किया परायण
- निवास, भाई बहन नाला में माताओं ने पुत्रों की दीर्घायु व स्वस्थ की कामन
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के मोतीनाला, भाई बहन नाला, निवास, ग्राम बिझिंया समेत आसपास के क्षेत्रों में माताओं ने पुत्रों की दीर्घायु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए हलषष्टी व्रत रखकर पूजन किया। रविवार को भाद्रपद कृष्णपक्ष की षष्टी तिथि में हलषष्टी व्रत आस्था और भक्ति के साथ मनाया गया। इस व्रत को शास्त्रों में भी संतान की रक्षा के लिए सर्वोत्तम बताया गया है। इससे सुबह से ही घरों में आस्था और भक्ति का माहौल रहा घरों में पूजा-अर्चना भी हुई। भाई बहन नाला में बड़े हर्ष उल्लास के साथ हरछाट की पूजा की गई। इस दौरान नर्मदा राय, सरस्वती धुर्वे, अनारकली बंजारा, उमा शिवहारे, गोरी टडिया मौजूद रही।
इस व्रत में शक्कर और मिट्टी की चुकिया, सात प्रकार के अन्न (जौ, गेहूं, चना, धान, अरहर, मूंग, मक्का), पांच प्रकार की भाजी और महुआ, आम, पलास की पत्ती, कांसी के फूल, नारियल, मिठाई, रोली-अक्षत, फल, फूल से पूजन किया जाता है। साथ ही भैंस के दूध से बने दही और घी का भी विशेष महत्व है। व्रत में हल लगा अन्न और गाय के दूध से बनी खाद्य सामग्री निषेध है। इसी कारण व्रकधारी माताएं व्रत का परायण भैंस के दूध व उससे बने घी, दही के साथ पसी के चावल और बिना हल लगे अन्न, सब्जी और फलों को ग्रहण कर व्रत का परायण करती हैं।
शांतिनगर में महिलाओं की मंगल कामना
बताया गया कि पुत्र की दीर्घायु की कामना के साथ महिलाओं ने की हरछठ माता का पूजा अर्चना किया। शांति नगर बिंझिया में आयोजित सामूहिक पूजन में श्रीमती सुनीति ठाकुर के घर में आसपास की महिलाएं एकत्र होकर पूजा अर्चन की। यहां महिलाओं ने अपने पुत्रों की दीर्घायु की मंगल कामना के लिए माता हरछठ महारानी का विधि विधान से पूजा अर्चना किया। इस दौरान पंडित पुनाराम कटारे ने हरछठ माता की पूजा कराई।













