- रूपए की बरसात कराने युवक को लगा दी फांसी
- तंत्र मंत्र और अंधविश्वास ने पांच युवकों को बनाया हत्यारा
- पुलिस ने 48 घंटे के अंदर किया हत्या का खुलासा
- सभी आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल

मंडला महावीर न्यूज 29. शॉर्ट कट के रास्ते जल्द अमीर बनने के लालच में एक युवक की बलि चढ़ा दी गई। फांसी के फंदे से पैसों की बरसात के अंधविश्वास ने पांच युवको को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया, ना रूपयों की बरसात हुई, ना ही युवक अमीर बन पाए, अब ये युवक जेल की हवा खाने सलाखों के पीछे पहुंच गए है। तंत्र मंत्र से रुपए की लालच में आकर युवकों ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया है। इतना ही नहीं पुलिस की पकड़ में न आएं इसके लिए युवक के शव को पत्थर में बांध कर नदी में फेंक दिया। युवक का शव देखकर क्षेत्र में सनसनी फैल गई और युवक की पहचान के बाद परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने तत्परता से जांच करते हुए हत्या के आरोपियों को 48 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया।

बताया गया कि कौरगांव निवासी दादी उर्फ सुखचैन यादव ने अपने ही मोहल्ले के एक युवक राहुल भांवरे को अपनी लालच का शिकार बनाने पूरी तैयार कर ली। अपने सभी साथियों को इस प्लान में शामिल किया। जिससे वे तंत्र मंत्र के जरिया रूपयों की बरसात करा सके। युवक की हत्या में सोनू उर्फ निशांत पिता मुकेश कछवाहा 22 वर्ष, प्रशांत उर्फ निहुल पिता गज्जु कछवाहा 21 वर्ष, नितेश पिता श्याम लाल कछवाहा 21 वर्ष सभी निवासी ग्राम रामबाग, दादी उर्फ सुखचैन पिता प्रमोद यादव 23 वर्ष निवासी ग्राम कौरगांव एवं दिलीप नामदेव पिता स्व प्रभूलाल नामदेव 40 वर्ष निवासी रेस्ट हाऊस के पीछे बिछिया थाना बिछिया को गिरफ्तार किया है।
अभी आता हूं कहकर गया था, नहीं आया वापस
घटना के संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित वर्मा ने बताया कि 15 जून को एक व्यक्ति का शव नेवरगांव की नदी में मिलने की सूचना मिली। जिसके बाद पुलिस टीम तत्काल रवाना हुई। घटना स्थल पर मृतक की पहचान राहूल भांवरे के रूप में हुई। जांच के दौरान मृतक राहुल भांवरे की मां एवं पत्नी के विस्तृत कथन लेख बद्ध किए गए। जिनसे ज्ञात हुआ की 12 जून की रात में करीबन 8 बजे राहुल घर से अभी आता हूं कहकर गया है जो नहीं आया। जिसके गुम की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मर्ग जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटना स्थल के निरीक्षण, मृतक राहुल के सिर में चोंट के निशान एवं प्राप्त पीएम रिपोर्ट के आधार पर अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध थाना महाराजपुर में अपराध पंजीबद्ध किया गया।
रूपए की झड़ी कराने रची हत्या की साजिश
बताया गया कि 12 जून को अपने साथी सोनू उर्फ निशांत कछवाहा, प्रशांत कछवाहा, नितेश कछवाहा सभी निवासी रामबाग से मिलकर पूर्व नियोजित प्लान बनाए कि किसी व्यक्ति को फांसी लगाकर हत्या करना है और उसी फांसी की रस्सी से रुपए झड़ेगा तो हम लोग अमीर हो जाएंगे। आरोपी दादी उर्फ सुखचैन यादव ने अपने मोहल्ले कौरगांव से राहूल भांवरे को शराब पिलाने का लालच देकर अपने अन्य तीन दोस्तों के साथ ऑटो में बैठाकर बहेलियाटोला की तरफ ले गए। वहां चारों ने शराब पी और राहुल भांवरे को भी पिलाई। राहुल भांवरे को नशा चढऩे के बाद चारों दोस्तों ने बिजली के पोल में रस्सी फंसाकर राहूल के गले में फांसी का फंदा डालकर चारों युवकों ने रस्सी को खींचा कर हत्या करने का प्रयास किया गया। जब युवकों को लगा कि राहुल जिंदा है तो सोनू कछवाहा ने पत्थर से सिर में मारा। उसके बाद चोरों दोस्त ऑटो में राहुल भांवरे को ले जाकर सीमेंट की बोरी में पत्थर भरकर और पत्थर को मृतक के पीठ में गमछे से बांध कर बंजर पुल से नदी में फेंक दिए। 13 जून को चारो दोस्तों ने बिछिया से दिलीप नामदेव को बुलाया और उसे बताया कि हम चारों दोस्तों ने एक व्यक्ति को फांसी लगाकर हत्या कर दी है, उस फांसी की रस्सी को लाए हैं, तुम अपने तंत्र मंत्र से इस रस्सी से रुपए की झड़ी करो। उक्त आरोपियों ने रुपए पैसों की लालच में हत्या को अंजाम देना और अपराध को झुपाने के लिए शव को पत्थर बांध कर नदी में फेंक देना स्वीकार किया। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया है।
गठित टीम की रही विशेष भूमिका
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीओपी मंडला के नेतृत्व में टीम गठित की गई। थाना प्रभारी महाराजपुर निरीक्षक ममता परस्ते एवं थाना स्टाफ द्वारा टीम के रूप में काम करते हुये अज्ञात आरोपी की तलाश के संबंध में लगातार प्रयास करते हुए लोगो से जमीनी स्तर पर पूछतांछ की। मुखविर की सूचना पर संदेही दादी उर्फ सुखचैन को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। जिसके बाद हत्या का खुलासा हुआ। हत्या के खुलासे की कार्रवाई में एसडीओपी पीयूष मिश्रा, निरीक्षक ममता परस्ते आर्मों, उनि कुंवर बिसेन, भीमराम मेश्राम, योगेन्द्र चौहान, सुरजीत परमार, सउनि अनिल बिसेन, शिवशंकर राजपूत, रामकृष्ण बघेल, चैनसिंह सैयाम, प्रियांस पाठक, शिवा नाविक, तोष सिंह सल्लाम, राजबघेल, केशव मरावी, घन्नू यादव एवं अन्य थाना स्टाफ, सुरेश भटेरे सायबर सेल की भूमिका रही।

















