किसान कांग्रेस का बड़ा खुलासा
कृषि उपसंचालक पर 14 करोड़ के घोटाले का आरोप
- ईओडब्ल्यू में मामला दर्ज होने के बावजूद पदस्थापना पर उठाए सवाल
- सात दिन में हटाने की दी चेतावनी
मंडला महावीर न्यूज 29. जिला किसान कांग्रेस कमेटी ने कृषि विभाग के उपसंचालक अश्वनी झारिया के विरुद्ध भ्रष्टाचार और करोड़ों रुपये के गबन के गंभीर आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को आयोजित एक प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने सनसनीखेज दावा किया कि जिस अधिकारी को पूर्व में भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण तत्कालीन मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक मंच से निष्कासित किया था, उसे दोबारा मण्डला में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश ठाकुर और प्रदेश संयुक्त सचिव अभिनव नट्टू चौरसिया ने दस्तावेजों के साथ बताया कि अश्वनी झारिया पर 14 करोड़ 36 लाख 88 हजार 520 रुपये के गबन का मामला दर्ज है। आर्थिक अपराध शाखा में धारा 420 के तहत मामला पंजीबद्ध है और जांच जारी है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीज वितरण, कृषि अनुदान और अन्य योजनाओं का पैसा पात्र किसानों के बजाय भ्रष्ट तंत्र की भेंट चढ़ रहा है। रिकॉर्ड में वितरण पूरा दिखाया जा रहा है, जबकि धरातल पर किसान खाद-बीज के लिए भटक रहे हैं।
प्रशासनिक नैतिकता पर खड़े किए सवाल
किसान कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जिस विवादित अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो, उसे संवेदनशील पद पर क्यों रखा गया है? नेताओं ने इसे भ्रष्टाचारियों को सरकारी संरक्षण देने की नीति करार दिया। उन्होंने कहा कि यह न केवल वित्तीय अनियमितता है, बल्कि मंडला के भोले-भाले किसानों के भविष्य के साथ बड़ा धोखा है।
उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
कांग्रेस ने जिला प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि 7 दिनों के भीतर अश्वनी झारिया को मंडला से नहीं हटाया गया, तो जिले भर के किसानों को लामबंद कर उग्र धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। प्रेसवार्ता में स्पष्ट किया गया कि यदि किसानों के हक के पैसे का बंदरबांट बंद नहीं हुआ, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।











