नैनपुर में नियम-कानून पर भारी कब्जाधारी
100 एकड़ बेशकीमती शासकीय भूमि पर दबंगों का साया
- प्रशासन की कार्रवाई को ठेंगा दिखा रहे अतिक्रमणकारी
- चिल्ड्रन पार्क के लिए प्रस्तावित जमीन पर भी अवैध कब्जा
मंडला महावीर न्यूज 29. नैनपुर नगर के विकास में अवैध कब्जाधारियों ने ग्रहण लगा दिया है। क्षेत्र की जनोपयोगी और कीमती शासकीय भूमि पर दबंगों का कब्जा इस कदर बढ़ गया है कि प्रशासन की पिछली कार्रवाइयां भी बेअसर साबित हो रही हैं। राजनीतिक संरक्षण और जिम्मेदारों की चुप्पी के चलते सरकारी जमीन को मुक्त कराना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

पिछले दिनों मीडिया में खबरें प्रकाशित होने के बाद प्रशासन की टीम ने वार्ड नंबर 7 इटका में 72 एकड़ शासकीय भूमि से कब्जाधारियों को बेदखल करने की कार्रवाई की थी। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इस कार्रवाई के बावजूद कब्जाधारियों के हौसले बुलंद हैं और उक्त भूमि पर पुन: कृषि कार्य करने की तैयारी की जा रही है।
100 एकड़ भूमि और चिल्ड्रन पार्क पर संकट
प्रशासनिक अमले की नजरों से दूर अब भी चकोर नदी स्टॉपडैम के पास लगभग 100 एकड़ शासकीय भूमि अतिक्रमण की चपेट में है। इसके अलावा वार्ड नंबर 9 में जहां चिल्ड्रन पार्क और अन्य जनोपयोगी भवन बनाए जाने प्रस्तावित हैं, वहां भी दबंगों ने अपना कब्जा जमा रखा है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर जिम्मेदारों को यह अतिक्रमण क्यों दिखाई नहीं दे रहा है?
फसल उत्पादन की राशि वसूली की मांग
क्षेत्र के जागरूक नागरिकों का कहना है कि वर्षों से शासकीय भूमि पर कब्जा कर फसल उगाने वाले इन लोगों पर न केवल ठोस दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए, बल्कि उनसे अब तक किए गए फसल उत्पादन की राशि भी वसूली जानी चाहिए। बिना सख्त कदम उठाए नैनपुर को इन कब्जाधारियों से मुक्ति मिलना असंभव लग रहा है।

जनता का सवाल, कब टूटेगी मौन की दीवार
मंचों से विकास की बड़ी-बड़ी बातें करने वाले जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी इस गंभीर मुद्दे पर मौन साधे हुए हैं। क्या जिम्मेदार किसी बड़े जन आंदोलन का इंतजार कर रहे हैं? नगर विकास की राह में रोड़ा बने इन अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कब पीला पंजा चलेगा, यह नैनपुर की जनता के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।











