कान्हा में बाघों के आपसी संघर्ष में 4 वर्षीय नर बाघ की मौत
- किसली परिक्षेत्र के मगरनाला बीट की घटना
- शव परीक्षण के बाद किया गया अंतिम संस्कार
मंडला महावीर न्यूज 29. कान्हा टाइगर रिजर्व के किसली परिक्षेत्र अंतर्गत मगरनाला बीट में सोमवार को एक नर बाघ का शव मिलने से हड़कंप मच गया। नियमित गश्ती के दौरान वन विभाग के दल को वन्यप्राणी का शव कक्ष क्रमांक 634 (15) के पास दिखाई दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पार्क के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
आपसी संघर्ष के मिले साक्ष्य
क्षेत्र संचालक रवीन्द्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि घटना स्थल और उसके आसपास की छानबीन में एक अन्य वयस्क नर बाघ की उपस्थिति के साक्ष्य मिले हैं। मृत बाघ के शरीर पर संघर्ष के गहरे घाव के निशान पाए गए हैं। प्राथमिक जांच के आधार पर विशेषज्ञों का मानना है कि बाघ की मृत्यु किसी अन्य वन्यजीव संभवतः दूसरे बाघ के साथ हुए आपसी संघर्ष के कारण हुई है।
क्षेत्र की ली सघन तलाशी
एनटीसीए के दिशा-निर्देशों के अनुसार डॉग स्क्वाड की मदद से इलाके की सघन तलाशी ली गई। विशेषज्ञ वन्यजीव चिकित्सक डॉ. संदीप अग्रवाल, डॉ. सुनील गोयल और डॉ. विशाल उद्दे की टीम ने शव का पोस्टमार्टम किया। बताया गया कि मृत बाघ की अनुमानित आयु 4 वर्ष पाई गई है। बाघ के शरीर के सभी अंग नाखून, दांत, खाल आदि पूरी तरह सुरक्षित मिले हैं। प्राथमिक तौर पर किसी बीमारी या वायरस के लक्षण नहीं दिखे हैं, फिर भी हिस्टोपैथोलॉजी जांच के लिए नमूने जबलपुर भेजे जा रहे हैं।
किया गया अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम के बाद निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत क्षेत्र संचालक रवीन्द्रमणि त्रिपाठी, उप संचालक प्रकाश कुमार वर्मा, तहसीलदार शंकर मरावी और एनटीसीए प्रतिनिधि एलिसी डिबार्मा की उपस्थिति में बाघ का भस्मीकरण किया गया। वन विभाग ने मामले में अग्रिम कार्यवाही जारी रखी है।











