मंडला का गौरव: मध्यप्रदेश अंडर-20 फुटबॉल टीम में जिले के 4 सितारों का चयन
छत्तीसगढ़ में दिखाएंगे दम
- फुटबॉल के मैदान में मंडला की धाक
- राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे जिले के होनहार खिलाड़ी
- मंडला की फुटबॉल प्रतिभा ने लहराया परचम
- प्रदेश की टीम में जिले के 4 खिलाड़ियों का चयन
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले की फुटबॉल प्रतिभा ने एक बार फिर प्रदेश स्तर पर अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई है। इंदौर में आयोजित अंतर जिला अंडर-20 फुटबॉल प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के आधार पर मंडला डी.एफ.ए. के चार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का चयन मध्यप्रदेश की अंडर-20 फुटबॉल टीम में हुआ है। इस उपलब्धि ने न केवल जिले को गौरवान्वित किया है, बल्कि स्थानीय खेल संस्कृति और खिलाड़ियों की मेहनत को भी नया आयाम दिया है।
उपविजेता बनकर उभरी थी मंडला की टीम
11 से 19 अप्रैल तक इंदौर में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में मंडला डी.एफ.ए. की टीम ने दमदार खेल दिखाते हुए उपविजेता का खिताब अपने नाम किया था। पूरे टूर्नामेंट के दौरान टीम ने अनुशासन और आक्रामक खेल का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया।
कड़े चयन और कैंप के बाद हुआ अंतिम निर्णय
जिला फुटबॉल संघ के सचिव एवं प्रशिक्षक पंकज उसराठे ने बताया कि प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन के बाद 26 खिलाड़ियों को राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर (नेशनल कैंप) के लिए चुना गया था। इसमें मंडला के 7 खिलाड़ियों ने जगह बनाई थी। 20 से 30 अप्रैल तक इंदौर में चले विशेष शिविर में खिलाड़ियों की तकनीक, फिटनेस और कौशल को परखा गया, जिसके बाद मध्यप्रदेश की 18 सदस्यीय अंतिम टीम घोषित की गई।
प्रदेश की टीम में शामिल होने वाले ‘चार सितारे’
अपनी प्रतिभा और परिश्रम के दम पर प्रदेश टीम में स्थान बनाने वाले मंडला के चार होनहार खिलाड़ी हैं:
- अशोक उइके
- डेनिश भावेदी
- अजीत कुमार
- नागेश्वर धुर्वे
ये चारों खिलाड़ी 3 मई से 15 मई तक छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय अंडर-20 फुटबॉल प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे।
खेल जगत में हर्ष की लहर
खिलाड़ियों की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मध्यप्रदेश फुटबॉल संघ के सचिव अमित रंजन देव, कोच आशीष पिल्लई, जिला फुटबॉल संघ अध्यक्ष डॉ. दिलीप शर्मा, जिला खेल अधिकारी विकास खरड़कर सहित जिले के खेल प्रेमियों और वरिष्ठ खिलाड़ियों ने चयनित खिलाड़ियों एवं उनके कोच पंकज उसराठे को बधाई दी है। जानकारों का मानना है कि यह सफलता प्रशिक्षक पंकज उसराठे के वर्षों के समर्पण और खिलाड़ियों की कड़ी तपस्या का परिणाम है, जो आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेगी।











