2000 खिलाड़ी 20 खेलों में पसीना बहाकर निखारेंगे अपनी प्रतिभा

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मंडला में “मस्ती की पाठशाला” का आगाज़

2000 खिलाड़ी 20 खेलों में पसीना बहाकर निखारेंगे अपनी प्रतिभा

  • खेल और फिटनेस का महाकुंभ
  • जिले के 40 केंद्रों पर “आरोह-2026” शुरू
  • 50 प्रशिक्षक दे रहे ट्रेनिंग
  • आरोह-2026: मस्ती के साथ फिटनेस का मंत्र
  • मंडला के युवाओं में ग्रीष्मकालीन खेल शिविर को लेकर भारी उत्साह

मंडला महावीर न्यूज 29. जिले में खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करने और युवाओं को फिटनेस के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से 01 मई 2026 से आरोह-2026” ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर का भव्य शुभारंभ हो गया है। जिला खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस अनूठी पहल को मस्ती की पाठशाला” का नाम दिया गया है, जो बच्चों और युवाओं के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

महीने भर चलेगा प्रशिक्षण का सिलसिला

यह शिविर 01 मई से 31 मई 2026 तक पूरे जिले में संचालित किया जाएगा। जिला मुख्यालय सहित सभी विकासखंडों में लगभग 40 चयनित स्थानों पर प्रतिदिन शाम 4:30 बजे से 6:30 बजे तक खिलाड़ी मैदान पर पसीना बहाते नजर आएंगे। इस वृहद अभियान के तहत 20 विभिन्न खेलों में 2000 से अधिक पंजीकृत खिलाड़ियों को 50 अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा बारीकियां सिखाई जा रही हैं।

खेलों के साथ व्यक्तित्व विकास पर जोर

शिविर में बैडमिंटन, फुटबॉल, तैराकी, एथलेटिक्स, कुश्ती, क्रिकेट, हॉकी और कबड्डी जैसे लोकप्रिय खेलों सहित कुल 20 विधाओं को शामिल किया गया है। जिला मुख्यालय पर जहां 17 खेलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, वहीं प्रत्येक विकासखंड स्तर पर 2-2 प्रमुख खेलों का संचालन हो रहा है। प्रशासन के अनुसार, यह केवल एक खेल शिविर नहीं है, बल्कि इसमें:⇒

  • फिट इंडिया मूवमेंट और शारीरिक फिटनेस।
  • व्यक्तित्व विकास और सामाजिक जागरूकता।
  • संस्कृति एवं मनोरंजन के साथ फैमिली एंगेजमेंट।
  • महिलाओं हेतु आत्मरक्षा (Self-Defense) का विशेष प्रशिक्षण।

डिजिटल पहल और मनोरंजन का संगम

प्रशिक्षण की शुरुआत हर दिन उत्साहवर्धक एरोबिक गतिविधियों से होती है, जिससे बच्चे खेल-खेल में फिटनेस सीखते हैं। आधुनिकता को जोड़ते हुए सभी प्रतिभागियों का ऑनलाइन पंजीयन किया गया है और शिविर के सफल समापन पर उन्हें ई-प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।

उद्देश्य: प्रतिभाओं की पहचान और सकारात्मकता

जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान का मुख्य लक्ष्य बच्चों में खेलों के प्रति रुचि जगाना, उनका शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य मजबूत करना और जिले की छिपी हुई खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना है। “मस्ती की पाठशाला” के माध्यम से समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में यह एक प्रभावी कदम माना जा रहा है।



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