कान्हा में केनाइन डिस्टेंपर वायरस का कोहराम
9 दिनों में बाघिन समेत 4 शावकों की मौत, फॉरेंसिक जांच में बड़ा खुलासा
- टाइगर स्टेट पर वायरस का हमला
- कान्हा में बाघों की मौत का कारण बना जानलेवा संक्रमण
- प्रबंधन में हड़कंप
मंडला महावीर न्यूज 29. विश्व प्रसिद्ध कान्हा टाइगर रिजर्व से वन्यजीव प्रेमियों को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। कान्हा पार्क में पिछले 9 दिनों के भीतर हुई एक बाघिन और उसके चार शावकों की मौत का रहस्य अब सुलझ गया है। फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि इन मौतों की मुख्य वजह घातक केनाइन डिस्टेंपर वायरस का संक्रमण है।
बताया गया कि कान्हा पार्क प्रबंधन के लिए यह एक बड़ी क्षति है क्योंकि महज 9 दिनों के अंतराल में एक पूरी टाइगर फैमिली खत्म हो गई। पहले एक-एक कर चार शावकों की मौत हुई और उसके बाद उनकी मां (बाघिन) ने भी दम तोड़ दिया। शुरुआती दौर में मौत के कारणों को लेकर संशय बना हुआ था, लेकिन अब वैज्ञानिक जांच ने स्पष्ट कर दिया है कि यह वायरस ही बाघों की जान का दुश्मन बना है।
क्या है केनाइन डिस्टेंपर वायरस
विशेषज्ञों के अनुसार यह एक बेहद संक्रामक और जानलेवा वायरस है जो आमतौर पर कुत्तों के जरिए जंगली जानवरों में फैलता है। यह वायरस श्वसन तंत्र, जठरांत्र और नसों पर हमला करता है, जिससे जानवर बेहद कमजोर हो जाता है और अंतत: उसकी मृत्यु हो जाती है। कान्हा जैसे सुरक्षित माने जाने वाले नेशनल पार्क में इस वायरस की दस्तक ने सुरक्षा और मॉनिटरिंग पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अलर्ट पर पार्क प्रबंधन
बाघों की मौत के बाद अब पूरे पार्क में अलर्ट जारी कर दिया गया है। पार्क प्रबंधन अन्य बाघों और वन्यजीवों की निगरानी बढ़ा रहा है जिससे इस संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। अधिकारियों का कहना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद अब रोकथाम के लिए आगामी रणनीति तैयार की जा रही है।











