कान्हा में मादा बाघ और शावक की मौत; संक्रमण बना कारण
कान्हा में उपचार के दौरान मादा बाघ और शावक ने तोड़ा दम
- फेफड़ों में संक्रमण बना काल
- मुक्की रेंज में दो बाघों की मौत
- सभी अंग मिले सुरक्षित
मंडला महावीर न्यूज 29. कान्हा टाइगर रिजर्व के मुक्की वनपरिक्षेत्र के अंतर्गत कक्ष क्रमांक 188 (बीट मुक्की) में उपचार के दौरान एक मादा बाघ और एक नर बाघ शावक की मृत्यु हो गई है।
मृत मादा बाघ की उम्र लगभग 8 से 10 वर्ष और शावक की उम्र 15 से 18 माह के बीच बताई गई है। वन विभाग के अनुसार, यह घटना 29 अप्रैल 2026 को प्रकाश में आई। प्रारंभिक जांच और विशेषज्ञों की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों वन्यजीवों की मृत्यु का मुख्य कारण फेफड़ों में संक्रमण (Lung Infection) पाया गया है।
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) और मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक, मध्य प्रदेश के दिशा-निर्देशों के पालन में विशेषज्ञों की टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही की गई।
पोस्टमार्टम के दौरान वन्यजीवों के सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं। विशेषज्ञों की टीम में डॉ. संदीप अग्रवाल कान्हा टाइगर रिजर्व, डॉ. आशीष वैध, डॉ. सुरेन्द्र कुमार मर्सकोले और डॉ. अमोल रोकड़े (जबलपुर) शामिल रहे। मादा बाघ का शव विच्छेदन कर लिया गया है और जरूरी सैंपल एकत्र किए गए हैं।
आज होगा अंतिम संस्कार
विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार शावक का पोस्टमार्टम और दोनों वन्यजीवों (मादा व शावक) का दाह/भस्मीकरण निर्धारित प्रक्रिया के तहत 30 अप्रैल 2026 को सुबह किया जाएगा।













