अब चुनाव लड़कर सदन पहुँचने की तैयारी

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भोपाल से खाली हाथ लौटे अतिथि शिक्षक

अब चुनाव लड़कर सदन पहुँचने की तैयारी, सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

  • नियमितीकरण की आस टूटी तो राजनीति का थामेंगे दामन
  • मंडला के अतिथि शिक्षकों ने दी विधानसभा चुनाव लडऩे की चेतावनी

मंडला महावीर न्यूज 29. प्रदेश के हजारों अतिथि शिक्षकों का भविष्य एक बार फिर अधर में लटकता नजर आ रहा है। नियमितीकरण और सुरक्षित भविष्य की मांग को लेकर भोपाल के अंबेडकर जयंती पार्क में आयोजित विशाल आंदोलन से मंडला जिले के सैकड़ों अतिथि शिक्षक एक बार फिर निराश होकर लौटे हैं। बुधवार को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चिलचिलाती धूप में बैठने के बाद भी सरकार का कोई जिम्मेदार प्रतिनिधि उनसे मिलने नहीं पहुँचा, जिससे अतिथि शिक्षकों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

संगठन के संस्थापक और जिला अध्यक्ष पीडी खैरवार ने बताया कि अतिथि शिक्षक वर्ष 2008 से अत्यंत कम मानदेय पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कार्यानुभव के आधार पर नियमित रोजगार की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन सरकार की नीतियां शिक्षक विरोधी बनी हुई हैं। पदाधिकारी हेमराज मसराम ने बताया कि सात साल पहले अतिथि शिक्षकों की संख्या लगभग डेढ़ लाख थी, जिसे सरकार ने घटाकर अब मात्र 60-65 हजार कर दिया है। अनुभवी शिक्षकों को इस तरह काम से बाहर करना न्याय संगत नहीं है।

ढलती उम्र और बेरोजगारी का डर

अतिथि शिक्षक उदय कुमार झारिया ने व्यथा सुनाते हुए कहा कि वर्षों तक सरकार की सेवा करने के बाद अब कई शिक्षक 50 वर्ष की उम्र पार कर चुके हैं। इस उम्र में काम से अलग किए जाने के बाद उनके सामने जीवनयापन का संकट खड़ा हो गया है। संजय सिसोदिया और हेमंत साहू ने बताया कि तेज धूप में दिन भर इंतजार करने के बाद भी निराशा हाथ लगने से अब धैर्य जवाब दे रहा है।

राजनीति के जरिए हक की लड़ाई का मन 

सरकार की उपेक्षा से तंग आकर अब अतिथि शिक्षकों ने एक बड़ा निर्णय लिया है। पीडी खैरवार ने अपील की है कि यदि आगामी विधानसभा चुनाव से एक साल पहले तक सरकार कोई ठोस निर्णय नहीं लेती है, तो अतिथि शिक्षक संगठित होकर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि अब राजनीति को माध्यम बनाकर सदन तक पहुँचने और शोषित-पीडि़तों की आवाज दमदारी से उठाने का समय आ गया है। संगठन ने अन्य वर्गों का साथ लेकर सरकार की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी शुरू कर दी है।



 

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