देवरी कला बबलिया के निजी स्कूलों की मनमानी से अभिभावक त्रस्त
प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
- जेएमआर और सरस्वती ज्ञान मंदिर स्कूल में अव्यवस्थाओं का अंबार
- टीसी मांगने पर विवाद और अवैध वसूली के आरोप
मंडला महावीर न्यूज 29। विकासखंड नारायणगंज के निजी शिक्षण संस्थानों में शिक्षा के नाम पर व्यापार और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का मामला गरमाता जा रहा है। देवरी कला बबलिया के स्थानीय जेएमआर स्कूल और सरस्वती ज्ञान मंदिर में व्याप्त भारी अव्यवस्थाओं और स्कूल प्रबंधन की मनमानी के खिलाफ ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मोर्चा खोल दिया है।
बताया गया कि अभिभावकों द्वारा टीसी मांगने पर विवाद किया जाता है और अवैध रूप से अधिक फीस ली जा रही है। ग्राम रमपुरी के जनपद सदस्य शालिग्राम तुमराची ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि जब उन्होंने जेएमआर स्कूल से अपने बच्चों की टीसी मांगी, तो प्रबंधन ने मार्कशीट में कम नंबर देने की धमकी दी। इसके साथ ही निर्धारित से अधिक फीस की मांग की गई। विरोध करने पर प्रधान पाठक द्वारा महिला शिक्षकों को आगे कर विवाद करने और गाली-गलौज करने की बात भी सामने आई है।
सुविधाओं का अभाव, न मैदान, न शौचालय
शिकायत में बताया गया है कि इन स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। स्कूलों में न तो खेलने के लिए मैदान है और न ही छात्र-छात्राओं के लिए उचित शौचालय की व्यवस्था। स्कूल के पास अपनी बसें नहीं हैं। बच्चों को निजी सवारी वाहनों में भूसे की तरह भरकर और छत पर बैठाकर ले जाया जाता है, जो किसी बड़ी दुर्घटना को सीधा आमंत्रण है। सरस्वती ज्ञान मंदिर में बच्चों को छोटे-छोटे कमरों में क्षमता से अधिक भरा जा रहा है। ऊपर टीन शेड होने के कारण भीषण गर्मी में मासूम बच्चे तप रहे हैं।
प्रशासनिक संरक्षण का आरोप
जनपद अध्यक्ष नारायणगंज आसाराम भारतीया, उपसरपंच संजय सोनी और प्रमोद यादव सहित ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि विकासखंड शिक्षा अधिकारी के संरक्षण के कारण इन स्कूलों पर कोई कार्यवाही नहीं होती। आरोप है कि वार्षिक उत्सवों के नाम पर भारी चंदा वसूला जाता है और उस राशि का बंदरबाँट किया जाता है।
ग्रामीणों की मांग, जांच कर बंद हों ऐसी संस्थाएं
मामले की गंभीरता को देखते हुए जनपद अध्यक्ष आसाराम भारतीया और समस्त ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि स्कूलों में बैठने की व्यवस्था, खेल मैदान और आवागमन की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती, तो ऐसी फर्जी तरीके से चल रही संस्थाओं को तत्काल बंद किया जाए।













