बबलू पंडा हत्याकांड में ऐतिहासिक फैसला
7 दोषियों को उम्रकैद, 3 आरोपी दोषमुक्त
- अपर सत्र न्यायालय निवास ने सुनाया निर्णय
- मंडला उदयपुर के चर्चित हत्याकांड के आरोपियों को मिली सजा
मंडला महावीर न्यूज 29. अपर सत्र न्यायालय निवास ने बहुचर्चित दिलीप सिंह भदौरिया उर्फ बबलू पंडा हत्याकांड में अपना फैसला सुनाते हुए 7 मुख्य आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विद्वान न्यायाधीश प्रवीण कुमार सिन्हा ने साक्ष्यों और अभियोजन के तर्कों के आधार पर 15 अप्रैल को यह महत्वपूर्ण निर्णय दिया।
जानकारी अनुसार घटना विगत वर्ष 12 अगस्त 2021 की है, जब बीजाडांडी थाना क्षेत्र के ग्राम उदयपुर स्थित दशमेश ढाबे पर बबलू पंडा अपने साथियों के साथ बैठे थे। रात लगभग 9.30 बजे आरोपियों ने ढाबे के पिछले दरवाजे से प्रवेश कर पुरानी रंजिश और पैसों के लेनदेन को लेकर बबलू पंडा पर कट्टे और बंदूक से अंधाधुंध गोलियां चलाईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
इन आरोपियों को मिली सजा
न्यायालय ने आकाश सोनकर, रोहित सोनकर, अमित श्रीवास्तव, हनी उर्फ हिमांशु सोनकर, विशाल चक्रवर्ती, सौरभ सोनकर और सुखदेव उर्फ बाबा सोनकर को दोषी पाया। दोषियों को धारा 302 और 149 के तहत आजीवन कारावास के साथ अर्थदंड से भी दंडित किया गया है। मामले के 3 अन्य आरोपी नीरज सोनकर, कैलाश उर्फ दस्सू यादव और सुमित उर्फ सिद्धार्थ यादव को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया।
सराहनीय रहा अभियोजन पक्ष
पुलिस अधीक्षक मंडला द्वारा इस प्रकरण को सनसनीखेज श्रेणी में रखा गया था। शासन की ओर से अभियोजन का सफल संचालन सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्रीमती उज्ज्वला उईके द्वारा किया गया। तत्कालीन थाना प्रभारी राजेन्द्र बर्मन और उप निरीक्षक पंकज विश्वकर्मा की विवेचना इस मामले को अंजाम तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण रही।











